226 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
टेलीफोनः विक्टोरिया 2360 क्वीन्स हाउस,
टेलीग्रामः ‘कोर्टलाइक’ लंदन 57 सेंट जेम्स कोर्ट,
बकिंघम गेट,
लंदन, एस.डब्ल्यू.
6 अक्तूबर, 1931
कल रात 10 बजे श्री गांधी और मुस्लिम प्रतिनिधि-मंडल ने निम्न प्रस्तावों पर चर्चा की। वे दो भागों में विभाजित हैंः वे प्रस्ताव जिन्हें मुस्लिमों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए रखा और वे प्रस्ताव जिन्हें श्री गांधी ने कांग्रेस की नीति के बारे में रखा। वे यहां उस रूप में दिए गए हैं, जिस रूप में उनका अनुमोदन श्री गांधी ने किया था और उन्हें मुस्लिम लीग की राय जानने के लिए प्रस्तुत किया गया था।
मुस्लिम प्रस्ताव
पंजाब और बंगाल में मुसलमानों का एक प्रतिशत का मामूली-सा बहुमत है, लेकिन इस प्रश्न पर कि क्या यह संयुक्त निर्वाचन-क्षेत्रों और समूचे सदन के 51 प्रतिशत के आरक्षण के माध्यम से हो, नए संविधान को लागू करने से पूर्व मुसलमान वोटरों की राय ली जाए और उनके फैसले को स्वीकार किया जाए।
अन्य प्रांतों में जहां मुसलमान अल्पसंख्या में हैं, उनके प्रति विशेष व्यवहार जारी रखा जाए, लेकिन क्या सीटें संयुक्त निर्वाचन-क्षेत्र के लिए आरक्षित की जाएं या उनके लिए पृथक निर्वाचक-मंडल हों, इसका निर्धारण मुसलमान वोटर नए संविधान के अधीन जनमत-संग्रह द्वारा करें और उनका फैसला स्वीकार किया जाए।
श्री गांधी के प्रस्ताव
मताधिकार का आधार व्यस्क मताधिकार हो।
सिखों और हिंदू अल्पसंख्यकों के अलावा (अन्य किसी जाति) को कोई विशेष आरक्षण न दिया जाए। कोष्ठकों के शब्द मूल में नहीं हैं।
कांग्रेस की मांगेः
क. पूर्ण स्वाधीनता।
ख. प्रतिरक्षा पर तुरंत पूर्ण नियंत्रण। ग. वैदेशिक कार्यों पर पूर्ण नियंत्रण। घ. वित्त पर पूर्ण नियंत्रण। च. सरकारी ट्टणों तथा अन्य दायित्वों की स्वतंत्र न्यायाधिकरण द्वारा जांच।
छ. भागीदारी की दशा में दोनों पक्षों को उसे समाप्त करने का अधिकार।