गांधी और उनका अनशन
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में उन्हें पर्याप्त अनुपात में प्रतिनिधित्व का अधिकार है, वहां हमने इस बात का भी उतना ही ध्यान रखा कि कुछ ऐसा न हो जाए, जिससे हिंदू-जगत से उनका समुदाय अलग हो जाए। 11 मार्च के अपने पत्र में आपने स्वयं कहा था कि विधान-मंडलों में उन्हें प्रतिनिधित्व दिए जाने का आप विरोध नहीं करते।
सरकारी योजना के अधीन दलित वर्ग हिंदू समाज के अंग बने रहेंगे और समान आधार पर हिंदू मान्यताओं के साथ वोट देंगे, लेकिन प्रथम 20 वर्षों तक जहां वे अब भी मतदान की दृष्टि से हिंदू समाज के अंग बने रहेंगे, वहां वे सीमित संख्या में विशेष निर्वाचन-क्षेत्रों द्वारा अपने अधिकारों और हितों की सुरक्षा के लिए साधन भी प्राप्त करेंगे। हमें विश्वास है कि वर्तमान परिस्थितियों में यह आवश्यक है।
जहां भी इन निर्वाचन-क्षेत्रों का गठन किया जाएगा, वहां दलित वर्ग के लोगों को सामान्य हिंदू निर्वाचन-क्षेत्रों में उनके वोटों से वंचित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके दो वोट होंगे, ताकि हिंदू समाज की उनकी सदस्यता अक्षत बनी रहे।
हमने जान-बूझकर यह निर्णय किया है कि दलित वर्गों के लिए तथाकथित सांप्रदायिक निर्वाचन-मंडलों का गठन न किया जाए। हमने दलित वर्गों के सभी वोटरों को सामान्य अथवा हिंदू निर्वाचन-क्षेत्रों में शामिल किया गया है, ताकि चुनावों में उच्च जाति के उम्मीदवारों को दलित वर्गों के वोट और दलित वर्गों के उम्मीदवारों को उच्च जातियों के वोट मांगने ही पड़ें। इस प्रकार हर प्रकार से हिंदू समाज की एकता बरकरार रखी गई।
रक्षा का उपाय अस्थाई
लेकिन हमारा विचार है कि उत्तरदायी सरकार की प्रारंभिक अवधि में तब प्रांतों की सत्ता उसी के पास चली जाएगी जिसका बहुमत विधान-मंडल में होगा, तब यह आवश्यक है कि सर सैमुएल होर के नाम अपने पत्र में आप स्वयं जिन दलित वर्गों के बारे में कह चुके हैं कि उन्हें सवर्ण हिंदुओं ने सदियों से सुनियोजित अधोगति के शिकंजे में जकड़ रखा है, वे नौ में से सात प्रांतों के विधान-मंडलों के लिए अपनी मर्जी के कुछ सदस्य चुन सकें। उद्देश्य यह है कि वे अपनी शिकायतें और अपने आदर्श प्रस्तुत कर सकेंगे और वे अपने बारे में निर्णय तभी होने देंगे, जब विधान-मंडल और सरकार उनकी बात सुन ले। संक्षेप में, वे ऐसी स्थिति में हो जाएंगे कि वे अपनी आवाज उठा सकेंगे और उसकी जरूरत के प्रति हर निष्पक्ष व्यक्ति सहमत होगा ही। हमने वर्तमान परिस्थितियों में किसी व्यावहारिक मताधिकार प्रणाली के अधीन सीटों के आरक्षण द्वारा विशेष प्रतिनिधि