11. गांधी और उनका अनशन - Page 325

310 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वे तो सरकारी तंत्र के कलपुर्जें, यानी सवर्ण अधिकारियों के खिलौने भरे

रह जाते हैं। सवर्ण अधिकारी उनसे लाभ उठाते हैं। इस प्रकार हरिजनों

की शिकायतों को दूर नहीं किया जा सकता।

  1. ट्रावनकोर के सभी हरिजन खेतों और आहतों में मजूरी करते हैं। वे सवर्णों

के सेवक हैं। सवर्ण उनसे पशुओं जैसा व्यवहार करते हैं। कौन उनकी

देखभाल या रक्षा करेगा? राज्य के अधिकांश भागों में हर हरिजन को

मजूरी के रूप में केवल एक ‘आना’ मिलता है। मंदिर-प्रवेश के बाद भी

उनकी सामाजिक असुविधाएं ज्यों-की-त्यों हैं। देशी राज्य ट्रावनकोर के

विभिन्न भागों में फैक्टरियों के सभी श्रमिक तथा राज्य के सभी अधिकारी

सवर्ण हैं और आजकल वे उत्तरदायी सरकार के लिए आंदोलन कर

रहे हैं। अब हरिजन भी सरकार तथा फैक्टरियों में नौकरी की मांग कर

रहे हैं, लेकिन ट्रावनकोर का आंदोलन सवर्णों का आंदोलन है। उसके

माध्यम से सवर्ण ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि लोक सेवा और फैक्टरियों

में हरिजन आने ही न पाएं। वे उच्च वेतन तथा अधिक विशेषाधिकारों

की मांग कर रहे हैं। हरिजन मजदूरों की ओर वे तनिक भी ध्यान नहीं

देते, जब कि ट्रावनकोर की जनता फैक्टरी-श्रमिकों के आंदोलन की

दीवानी हो गई है। हरिजन श्रमिक के वेतन का स्तर बहुत घटिया है और

फैक्टरी-श्रमिक के वेतन का स्तर उससे तिगुना है।

  1. भूखे रहने और जीविका के समुचित साधनों के अभाव के कारण हरिजनों

के बच्चों के दिमाग कुंठित हो जाते हैं। उसके कारण वे स्कूल में फेल

हो सकते हैं। उद्घोषणा से पूर्व होई स्कूलों में रियायत की अवधि छह

वर्ष थी, लेकिन अब उस अवधि को घटाकर तीन वर्ष कर दिया गया है।

उसके फलस्वरूप काफी छात्रों ने फेल हो जाने के बाद पढ़ना-लिखना

छोड़ दिया है।

  1. दलित वर्गों के लिए एक विभाग है। उसके अध्यक्ष (पिछड़े समुदायों

के संरक्षक) श्री सी.ओ. दामोदरन हैं। हालांकि व्यय के लिए प्रति वर्ष

विशाल राशि दी जाती है, पर वर्ष के अंत में राशि का दो-तिहाई अंश

हेराफेरी के कारण गतावधि हो जाता है। वह सरकार को यह रिपोर्ट भेज

दिया करते हैं कि राशि को खर्च करने का कोई उपाय नहीं है। दलित

वर्गों के लिए आवंटित राशि का 95 प्रतिशत अंश उन अधिकारियों के

वेतन के रूप में खर्च हो जाता है, जो सदा सर्वण ही होते हैं। केवल

पांच प्रतिशत का उपयोग किया जाता है। अब सरकार ट्रावनकोर के तीन