312 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
यह दुर्दशा है, राज्य के दलित वर्ग की। वे कौन से उपाय हैं, जिनके द्वारा हम राज्य के अपने अधिकार प्राप्त कर सकें? मेरा विनम्र निवेदन है कि आप कृपया इस अवसरस पर अपना परामर्श दें। उत्तर की प्रतीक्षा में।
कष्ट के लिए क्षमा करें।
भवदीय,
श्रीनारायण स्वामी
यदि अंततः मंदिर-प्रवेश की योजना का उद्देश्य अस्पृश्यों को उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करना है, तो यह आंदोलन न केवल अध्यात्म के प्रति द्रोह है, अपितु निश्चित रूप से कुचेष्टापूर्ण भी है। अतः सभी ईमानदार लोगों का अस्पृश्यों को यह चेतावनी देना कर्तव्य होगा, ‘गांधी से सावधान रहो।’