322 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ने जब ईसाई धर्म ग्रहण किया तो उसका क्या स्वरूप था? ईथेलबर्ट और उसकी प्रजा ईसाई कैसे बनी? नए धर्म को अंगीकर करने के पीछे क्या उनका कोई धार्मिक ध्येय था? ईसाई धर्म-परिवर्तन का विचार प्रकट करते हुए श्रद्धेय रीशेल कहते हैं ख्1, ः
यूरोप की एक के बाद दूसरी जातियों ने ईसाई धर्म को अंगीकर किया है। देखा
गया है कि उनका धर्म-परिवर्तन सदैव ऊपर से शुरू हुआ है, नीचे से कदापि नहीं।
पहले क्लोविस ने रेमगियस के आगे घुटने टेके और तुरंत उसके बाद तीन हजार
फ्रेंकों की ईसाई धम्र में दीक्षा हुई। ईथेलबर्ट ने आगस्टीन के मिशन के आगे घुटने
टेके और उसके तुरंत बाद समूचे कैंट ने उनके उदाहरण का अनुसरण किया। जब
उनके पुत्र ईयडबाल्ड ने स्व-धर्म का परित्याग किया तो उनके साथ-साथ कैंट के
लोगों ने भी स्व-धर्म का परित्याग कर दिया। राजा सिगेबर्ट के धर्म-परिवर्तन से
एक्सेस पर अंतिम विजय प्राप्त कर ली गई। यह राजा एक अन्य राजा ओस्वी के
प्रभाव में आकर स्वयं ईसाई धर्म में दीक्षा लेता है। नार्थम्बरलैंड पर अस्थाई प्रभुत्व
उसके राजा एडविन के धर्म-परिवर्तन से प्राप्त किया गया, लेकिन एडविन की मौत
के साथ ही वह समाप्त हो गया। उसने पुनः ईसाई धर्म को स्वीकार किया, जब
एक अन्य राजा ओस्वाल्ड ने उसके प्रसार को बढ़ावा दिया। जर्मनी के धर्म-परिवर्तन
में बोनीफेस नामक बिशप ने देश के चार्ल्स मार्टेल और पेपिन नामक राजकुमारों
के निकट सहयोग से प्रमुख भूमिका अदा की। पेपिन ने अपने संरक्षण के बदले
में अनधिकार हड़प-घड़प के हिंसात्मक कर्म के लिए चर्च की मान्यता प्राप्त की।
डेनमार्क पर प्रभुतव हेराल्ड क्रेग, हेराल्ड ब्लैस्टेंड और कैन्यूट नामक उसके राजाओं
के धर्म-परिवर्तन से स्थापित किया गया। स्वीडन पर प्रभुत्व उसके दो ओलोफो के
धर्म-परिवर्तन से और रूस पर उसके राजा व्लादीमिर के धर्म-परिवर्तन से जमाया
गया। सर्वत्र ईसाई धर्म ने पहले-पहल उसके राजाओं और राजकुमारों को संबोधित
किया। सर्वत्र बिशप और मठाधीश उसके एकमात्र प्रतिनिधि दीख पड़ते हैं।
इतना ही नहीं, एक बार जब राजा का धर्म-परिवर्तन कर लिया गया तो
मध्ययुगीन मिशनरियों का मार्ग निष्कंटक हो गया और उन्होंने अंधाधुंध तरीके से
उसके प्रजा-जनों को ईसाई धर्म में दीक्षित कर दिया। अपने राजा क्लोविस के
उदाहरण का अनुसरण करने वाले तीन हजार योद्धाओं का तुरंत पवित्रीकरण कर
दिया गया। राजकुमार के धर्म-परिवर्तन के बाद ईथेलबर्ट के प्रजा-जनों को भारी
संख्या में ईसाई धर्म में दीक्षित कर दिया गया। तब न कोई तैयारी थी और न ही
कोई अनुदेश। केवल जर्मनों ने दूसरों का अनुसरण करने में अधिक जल्दबाजी
नहीं की। रूस में व्लादीमिर के ईसाई धर्म में दीक्षित होने के बाद ईसाई बनने
- दि सी ऑफ रोम, पृ. 143-45