16. धर्म-परिवर्तन करने वाले की स्थिति - Page 395

380 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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अतः भारत में ईसाई धर्म की क्या उपलब्धि रही है, यह एक ऐसा उपयुक्त विषय है, जिस पर ईसाई मिशनों तथा अस्पृश्यों, दोनों के ही दृष्टिकोणों से विचार होना चाहिए।

यह निर्विवाद तथ्य है कि ईसाई मिशन भारतवासियों को ‘स्वस्थ देह’ और अपनी शरण में आने वाले को ‘स्वस्थ बुद्धि’ प्रदान करने की चेष्टा कर रहे हैं। यहां भारत में ईसाई मिशनों की संपूर्ण गतिविधियों का वर्णन करना कठिन होगा। मिशनरियों के काम को पांच शीर्षकों के अंतर्गत रखा जा सकता हैः

(1) बच्चों कि लिए, (2) युवकों के लिए, (3) जनता के लिए, (4) महिलाओं के लिए, और (5) रोगियों के लिए।

कार्य बहुत बड़े पैमाने पर किया गया है। निम्न आंकड़ों से पता चल जाएगा कि शिक्षा और रोजगार के लिए कितने बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है।

I. ईसाई चिकित्सा-कार्य ख्1,

  1. अस्पताल 256

  2. डिस्पेंसरियां 250

  3. सैनीटोरियम 10

  4. कुष्ठाश्रम 38

  5. मैडिकल स्कूल 3

  6. अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 12,000

  7. सैनीटोरियमों में बिस्तरों की संख्या 755

  8. विदेशी डाक्टर 350

  9. राष्ट्रीय डाक्टर 390

  10. विदेशी नर्सें 300

  11. राष्ट्रीय नर्सें 900

  12. छात्रा नर्सें 1,800

  13. बड़े आपरेशन 44,000

  14. जच्चा-बच्चा पर (कुल) 32,000

  15. अंतरंग रोगी 285,000

  16. बाह्य रोगी 2,600,000

  17. भारत, बर्मा और श्रीलंका में।