106 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
‘‘अतिरिक्त धन राशि (10 लाख पौंड स्टर्लिंग) उगाहने के तरीकों पर विचार
करते समय..........सबसे सही तरीका यह होगा कि स्थानीय चरित्र के मामलों
का साम्राज्यवादी खाते से स्थानीय खातों में आंशिक अंतरण कर दिया जाए।’’
चूंकि भारत में स्थानीय कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाली सालाना निधि 20 लाख पौंड स्टर्लिंग से अधिक नहीं हो पाती थी अतः यह पेशकश की गई कि इस राशि में 1,200,000 पौंड और मिलाए जाएं। यह अतिरिक्त राशि विभिन्न स्थानीय सरकारों और प्रेसीडेंसी द्वारा मिल कर बढ़ानी थी और साम्राज्यवादी राजस्व के बदले इस राशि का इस्तेमाल स्थानीय सेवाओं के लिए होना था। 1,200,000 पौंड की राशि बर्मा को छोड़ कर अनेक स्थानीय सरकारों के चालू वर्ष में सीमा कर और आय कर को छोड़ कर लगाए गए अनुमानित कुल राजस्व के 4 प्रतिशत के हिसाब से जुटाई गई। नई निधि की राशि जिन मद पर खर्च होनी थी, वे थेःµ (1) शिक्षा, (2) पुलिस, (3) जिला जेल, (4) सार्वजनिक निर्माण, (5) सड़कों की मरम्मत तथा उनका रख-रखाव। अतिरिक्त राशि जुटाने के लिए लगाए जाने वाले करों की सूची इस प्रकार हैःµ
(1) व्यापार और व्यवसाय पर लाइसेंस कर, (2) गृह कर, (3) शहरों में चुंगी, (4) जिस भूमि से राजस्व प्राप्त नहीं होता है उन पर उत्तराधिकार कर। परिषद् में भारत सरकार की संस्तुति के अधीन स्थानीय सरकारों को अपने सीमा क्षेत्र में सबसे फायदेमंद कर को चुनने की छूट थी ताकि कर वसूलने के खर्चे को काटने के बाद उन्हें उपरोक्त सेवाओं में से किसी एक या सभी में अपनी इच्छानुसार राशि खर्च कर सकें।
इस योजना के संबंध में भेजे गए पत्रों के उत्तर में स्थानीय सरकारों और प्रशासनों ने ऐसे प्रभारी के अंतरण और स्थानीय करों के माध्यम से खर्चों की पूर्ति की व्यावहारिकता पर अपनी सहमति जताई हालांकि ऐसे प्रभावों के अंतरण के साथ-साथ उन पर होने वाले खर्चो की पूर्ति के लिए आवश्यक राजस्व को अंतरित न करने पर आम आपत्ति भी थी। ऐसी परिस्थिति में भारत सरकार 800,000 पौंड तक खर्चों में कटौती कर उस राशि को स्थानीय सरकारों को अंतरित करने के लिए राजी हो गई। साथ ही लाइसेंस कर के रूप में जमा राशि को भी अंतरित करने को राजी हो गई। ख्1, योजना को मिले समर्थन और सहानुभूतिपूर्ण समीक्षा ने श्री मैसी को इसे बदलने और व्यापक बनाने के लिए प्रेरित किया। नई और व्यापक योजना की अपनी व्याख्या ख्2, में श्री मैसी ने लिखाःµ
19 सितंबर, 1867 का सर्कुलर, पृ. 67
श्री मैसी की प्रार्थना पर नई योजना की रूपरेखा कर्नल आर. स्ट्रेची ने स्थानीय सरकार को सार्वजनिक
खर्चे के कुछ अंश पर नियंत्रण के अंतरण नोट में बताई थी, पृ. 51-62