6 सांझा राजस्व बजट - Page 201

186 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

और निम्नलिखित राजस्व और व्यय के मानक हिस्से संयुक्त शीर्षों के अंतर्गत इस प्रकार माने गएःµ

साम्राज्यवादी प्रांतीय

बंगाल, यू.पी., बंबई, मद्रास 3/4 1/4

पंजाब, बर्मा 5/8 3/8

मध्य प्रांत (सी.पी.), असम 1/2 1/2

पंजाब, बर्मा, मध्य प्रांत और असम के मामले में विभाजन की विभिन्न मानक दरें अपनाने का मुख्य कारण था कि पिछड़े प्रांतों को विकास के उसी अनुपात में अवसर प्रदान किए जाएं जैसा कि उन्नत प्रांतों को प्राप्त थे।

सन् 1904-05 में जो बंदोबस्त हुआ उसमें भारत सरकार ने घोषित किया कि बंगाल, मद्रास, असम और संयुक्त प्रांत के बंदोबस्त स्थाई हैं और भविष्य में उनका संशोधन नहीं होगा, जब तक कि यह पता न चले कि दूसरों की तुलना में उस प्रांत को वित्तीय परिणाम बुरे थे, अथवा भारत सरकार के लिए भी ये अनुचित थे जबकि उसे असाधारण आपदा का सामना करना पड़े। इस व्यवस्था के फलस्वरूप उनके बंदोबस्त अर्द्ध-स्थाई करार किए गए। बंदोबस्त के दौरान इस अनौचित्य की पुनरावृत्ति के निराकरण हेतु भारत सरकार ने यह आवश्यक समझा कि राजस्व और व्यय के संयुक्त शीर्षों के विभाजन के मानक अनुपात उन प्रांतों के संबंध में जहां अर्द्ध-स्थाई बंदोबस्त लागू किए जा चुका है विशेष परिवर्तन किए जाएं जो निम्न प्रकार थेःµ

राजस्व प्रांतीय हिस्सा व्यय प्रांतीय हिस्सा

बंगाल मद्रास संयुक्त प्रांत बंगाल मद्रास संयुक्त प्रांत

आबकारी

उत्पाद शुल्क 7/16 - - आबकारी

उत्पाद शुल्क 7/16 - -

स्टाम्प्स 1/2 1/2 1/2 स्टाम्प्स 1/2 1/2 1/2

पंजीकरण सम्पूर्ण सम्पूर्ण - पंजीकरण संपूर्ण - -

सिंचाई - - संपूर्ण भू-राजस्व सम्पूर्ण सम्पूर्ण सम्पूर्ण

भारत सरकार के वित्तीय लेखा, 1904-5, पृष्ठ 67 से संकलित