8 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
कोर्ट को अधिकार था µ
- योग्य व्यक्तियों का चुनाव करना जिनसे निदेशक मंडल (कोर्ट) का गठन
हो सके।
- विशेष संसदीय सीमाओं के अंतर्गत कंपनी के पूंजीगत स्टाक पर लाभांश की
घोषणा करना।
- ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन में अवरोध उत्पन्न करने वाले ऐसे नियमों को
कार्यानुकूल बनाना अथवा निरस्त करना बशर्तें कि वे संसद के अधिनियमों
के प्रतिकूल न हों।
- सामान्यतया वेतन अथवा पेंशन में 200 पौंड से अधिक वृद्धि अथवा 600
पौंड से अधिक की किसी भी ग्रेच्युटी (उपदान) की वृद्धि पर नियंत्रण
लगाना।
- अच्छी सेवाओं के लिए आर्थिक पुरस्कार देना।
II. निदेशक मंडल (कोर्ट)
इसके 24 सदस्य होते थे। निदेशकों का निर्वाचन उन मालिकों द्वारा किया जाता था जो मत डालने के योग्य होते थे। कोर्ट के निदेशक के लिए उम्मीदवार की योग्यता (अर्हता) इस प्रकार थीः
वह मूल रूप से अथवा जन्म से ग्रेट ब्रिटेन का निवासी होना चाहिए।
वह 2,000 पौंड स्टाक का (चाहे पिछले कितने ही समय का हो) मालिक
होना चाहिए।
- वह साउथ सी कंपनी (दक्षिण समुद्र कंपनी) अथवा बैंक ऑफ इंग्लैंड का
निदेशक नहीं होना चाहिए।
- वह कोर्ट का पदाधिकारी होने के उपरांत दो वर्ष तक इंग्लैंड का निवासी
होना चाहिए।
- वह अपने प्रस्तावित चुनाव से दो वर्ष पूर्व तक कंपनी की समुद्र व्यापार सेवा
में कहीं भी नियुक्त नहीं होना चाहिए।
- उसने निदेशक पद के चुनाव में अपने लिए अथवा किसी अन्य व्यक्ति के
लिए किसी भी बहाने अथवा तर्क से प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष मत प्राप्त नहीं
किया हो।
- वह यह शपथ लेगाः
(क) वह कोई निजी व्यापार नहीं करेगा।