ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रशासन और वित्त प्रबंध - Page 24

ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रशासन और वित्त प्रबंध 9

(ख) वह निजी व्यक्ति की हैसियत के अलावा कंपनी से किसी प्रकार का

कोई संबंध नहीं रखेगा।

(ग) ब्रिटिश सम्राट के अधीन परिलब्धियों युक्त कोई पद या स्थान ग्रहण

न किया हो।

विभिन्न उत्तरदायित्वों का पालन करने की दृष्टि से विभिन्न समितियों को कार्य भार सौंपा गया जिनमें कोर्ट उप-विभाजित की गई थी।

ये समितियां इस प्रकार थींµ

  1. गुप्त समिति

  2. पत्राचार समिति

  3. कोष समिति

  4. सरकारी लश्कर तथा भंडार समिति

  5. वैधानिक कार्रवाई समिति

  6. सैनिक कार्रवाई समिति

  7. लेखा समिति

  8. क्रय समिति

  9. मालगोदाम (भंडारण) समिति

  10. इंडिया हाउस समिति

  11. पोत (परिवहन) समिति

  12. निजी व्यापार समिति

  13. सिविल कॉलेज

  14. मिलिट्री कॉलेज

लेखक, कैडेट तथा सहायक शल्य चिकित्सक आदि सभी नियुक्तियां निदेशकों द्व ारा की जाती थीं। असैनिक तथा सैन्य सेवाओं में दोनों कॉलेजों के स्नातकों की भर्ती की जाती थी जोकि कंपनी के राजस्व पर केवल भार समझे जाते थे। III. भारत के मामलों के लिए आयुक्त बोर्ड (नियंत्रण बोर्ड) बोर्ड की शक्तियां इस प्रकार हैंµ

  1. ईस्ट इंडीज क्षेत्र में सभी ब्रिटिश उपनिवेश तथा व्यापारियों की यूनाइटेड कंपनी

के व्यापारिक मामलों का प्रबंध तथा उन पर नियंत्रण।

  1. ईस्ट इंडीज के ब्रिटिश अधिकृत क्षेत्र (उपनिवेश) के असैनिक एवं सैनिक

(सिविल तथा मिलिट्री) सरकार अथवा उसके राजस्व संबंधी समस्त क्रियाकलापों,