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प्रांतीय वित्तव्यवस्था की सीमाएं

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(ग) इस पर बाद में खर्चा न करना पड़े जो उसके मंजूर करने की शक्ति से बाहर हो। ख्5,

(iii) निषेध था कि प्रांतीय सरकारेंµ

(क) सरकारी समारोहों और सजावटों पर तथा भारत आने वाले प्रतिष्ठित

व्यक्तियों के मनोरंजन पर सरकारी खजाने से 1,00,000 रुपये से अधिक

खर्च नहीं करेगी। ख्1,

(ख) विशेष रूप से उच्च अधिकारियों के लिए आरक्षित रेलवे डिब्बों के

रखरखाव के अतिरिक्त उन पर कोई और खर्च नहीं करेगी? ख्2,

(ग) एक अधिकारी के प्रयोग के लिए मोटर कार या मोटर साईकल खरीदने

या इसके रखरखाव के लिए प्रांत के ‘संविदा अनुदान’ शीर्ष से खर्च

के अलावा कोई अन्य खर्च नहीं करेगी। ख्3,

(घ) प्रांत के ‘संविदा अनुदान’ शीर्ष में हुई वृद्धि पर खर्च नहीं करेगी। ख्4,

(ड.) आन्तरिक नौवहन के लिए अपेक्षित और पत्तनों पर प्रयोग के लिए जहाज

बनाने या खरीदने पर, जिसकी लागत 1,00,000 रुपये से अधिक हो,

खर्च नहीं करेगी। ख्5,

(च) सिंचाई अथवा लोक निर्माण विभाग की अन्य परियोजनाओं पर जिनकी

सामान्य राजस्व पर प्रभार अनुमानित लागत स्थापना, उपकरणों और

संयंत्रों को मिलाकर 20,00,000 रुपये से अधिक है, खर्च नहीं करेगी।

तथापि एक प्रांतीय सरकार मूल स्वीकृत अनुमान से 10 प्रतिशत अधिक

राशि खर्च कर सकेगी बशर्तें कि यह अतिरिक्त राशि स्थापना, उपकरण

और संयंत्र को मिलाकर 12 ½ लाख रुपये से अधिक न हो। ख्6,

जहां तक प्रांतीय व्यय के विषयों पर लगे नियंत्रणों का संबंध है, यह निश्चय लिया गया कि सरकारी धन के वितरण का अधिकार देने से पूर्व लागू सामान्य शर्त को ध्यान में रखते हुए यह लोकहित में होगा कि प्रांतीय सरकारें निम्नलिखित को लाभ पहुंचाने के लिए अपनी निधियों से खर्च नहीं करेंगीःµ

(1) कोई व्यक्ति या गैर-सरकारी व्यक्तियों की संस्था जो सिद्धांत अथवा घोषित या स्थापित नियम के अनुसार भारत सरकार से मान्यताप्राप्त नहीं है। ख्7,

  1. 1912 का नियम 10(11)

  2. 1912 का नियम 10(4)

  3. 1912 का नियम 10(6)

  4. 1912 का नियम 10(15)

  5. 1912 का नियम 10(17)

  6. 1912 का नियम 10(18)

  7. 1877 का नियम 10, इसके बाद के संकल्पों को भी शमिल किया गया।