11 परिवर्तन का स्वरूप - Page 321

306 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

प्रांतों के नियंत्रण में देना और स्थानीय सरकार को इसके व्यय के लिए जिम्मेदार ठहराना प्रांतीय वित्त की पूर्व विभाजन की योजना से असंगत होगा अतः इस संबंध में ख्1, नियम यह है किःµ

(1) गवर्नर-जनरल-इन-काउंसिल द्वारा विभिन्न प्रांतों में उत्पादक और

सुरक्षात्मक सिंचाई निर्माण कार्यों पर व्यय किया गया पूंजी धन और

स्थानीय सरकारों के प्रबंध के ऐसे निर्माण कार्यों के लिए समय-समय

पर ऋण निधियों से दी गई धन राशि ऋण समझी जाएगी। भारत के

राजस्व से स्थानीय सरकारों में ऋण के रूप में मानी जाएगी। ऐसे ऋणों

पर ब्याज की दरें इस प्रकार निर्धारित की जाएंगी अर्थात्ःµ

(क) परिव्यय की स्थिति में वित्तीय वर्ष 1916-17 के अंत तक

3.3252 प्रतिशत

(ख) वित्तीय वर्ष 1916-17 के बाद लगाया गया परिव्यय पर औसत

ब्याज दर वह होगी जो गवर्नर जनरल इन कौंसिल द्वारा उस

वर्ष के अंत में खुले बाजार से लिए गए ऋणों पर ब्याज की

औसत दर निर्धारित की गई हो।

(2) ब्याज ऐसी तारीखों पर देय होगा जैसा कि गवर्नर जनरल इन काउंसिल

निर्धारित करें।

वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था इतनी डगमगा गई थी कि प्रांतीय सरकारें और केन्द्रीय सरकार इस तरह एक साथ बंध गई थीं जिससे उत्तरदायी सरकार बन ही नहीं सकी। जैसे ही प्रांतों ने सेवाओं तथा आबंटित स्रोतों पर अपना ही स्वीकृत प्राधिकार प्राप्त किया, इससे उन्होंने यह पाया कि उन्हें अपने ही नाम से ऋण लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए जिसका अधिकार उन्हें अभी तक नहीं था। इसके फलस्वरूप सुधार अधिनियम के अधीन स्थानीय सरकार के ऋण लेने संबंधी नियमों ख्2, को कतिपय शर्तों ख्3, के अधीन बनाया गया। स्थानीय सरकार अपने

  1. हस्तांतरण नियम 24

  2. भारत सरकार अधिनियम, 1919 की धारा 2(2) के अंतर्गत नियमावली।

  3. (1) स्थानीय सरकार द्वारा गवर्नर जनरल इन काउंसिल की स्वीकृति (यदि भारत में ऋण लिए जाएं) सेक्रे­

टरी ऑफ स्टेट इन काउंसिल की स्वीकृति के बिना कोई ऋण नहीं लिया जाएगा और गवर्नर जनरल इन

काउंसिल अथवा सेक्रेटरी ऑफ स्टेट इन काउंसिल जैसी भी स्थिति हो, किसी भी ऋण लेने की स्वीकृति

के लिए इश्यू की राशि अथवा कोई या सभी शर्तों को स्पष्ट करेगा जिनके अधीन ऋण लिया गया है।

(2) भारत सचिव (सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) की स्वीकृति के लिए प्रत्येक आवेदन पत्र गवर्नर जनरल इन

काउंसिल के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा।