परिवर्तन की समालोचना 331
जाती है और आरक्षित विषयों की निधि के आबंटन का समर्थन नहीं किया जाता तथा गवर्नर को ऐसे आबंटन की अनुमति दी जाती है जो कार्यपालिका के दोनों भागों को बाध्य होती है और गवर्नर की अनुमति से प्रांतीय विधान-मंडल में वीटो करने का अधिकार दिया जाता है जिससे यह आवश्यक समझना चाहिए कि आरक्षित विषय पर बजट अनुदान फिर से बहाल किया जाए यदि प्रांतीय विधान-मंडल द्वारा उसे या तो रद्द कर दिया गया है या कम कर दिया गया है जिसे प्रांतीय बजट के निर्धारण का अधिकार है और तीसरे गवर्नर इन काउंसिल को गवर्नर इन मिनिस्ट्रि (मंत्रालय में गवर्नर के) समान नए कराधान लगाने अथवा नए ऋण लेने की अनुमति है जिसका संबंध उसके अपने प्रभार के विषयों के विकास से है। इसका परिणाम यह है कि इस द्विशासकीय कार्यपालिका के एक भाग अर्थात् गवर्नर इन काउंसिल की अर्थव्यवस्था में रुचि रखने के लिए कुछ कारण हो सकता है अथवा कराधान के विचारों द्वारा अधिक भारमुक्त हो सकता है। इसकी सप्लाई प्रांतीय वित्त की स्थिरता की चिंता को आश्वस्त करती है और इसे कुछ दूर ही समझा जाना चाहिए। इसलिए ठोस वित्त के पुनरुद्धार की समस्या को पूरा करने का कुल भार ‘‘अंतरित’’ विषयों के प्रभारी मंत्रालय में गवर्नर पर है। वितरण और स्थायित्व की शक्तियों के अंतर्गत ऐसे अंतरित विषय हैं जो उन निधियों के बिना आगे बढ़ जाते हैं जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है और ऐसे वे विषय जिनके प्रभारी अर्थात् मंत्रीगण जिन्हें मितव्ययता के आवेग को सहन करना चाहिए अथवा नए कराधान की ओर पुनरुद्वार करना चाहिए ताकि प्रांतों के वित्त में संतुलन लाया जा सके। यह संदेहपूर्ण है कि गवर्नर इन काउंसिल नए करों की वसूली के दूभर कार्य का चयन करेगा अथवा मितव्ययता का अभ्यास करेगा, जब उनके लिए वित्त को बढ़ाने के अन्य उपाय उपलब्ध हों जो उन्हें अन्य विषयों के संबंध में मिले हैं जो उनके नियंत्रण में हैं। क्या सरकार का अलग आधा भाग अर्थात् गवर्नर इन मिनिस्ट्री मितव्ययता बरतने की सहमति देगा अथवा आवश्यकता पड़ने पर नए कराधान को भार के वहन करेगा? यह विशेषकर विधान-मंडल के स्वभाव पर आश्रित है।
प्रारंभ में ही इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि विधान-मंडल शीघ्र ही हुए कराधान बढ़ाने की परियोजना का समर्थन करेगा। यह कहना सही है जैसा कि बर्क ने टिप्पणी ख्1, की है किःµ
‘‘लोगों से यह कहना कि वे अपनी लोक संपत्ति की जीर्णावस्था से राहत प्राप्त
कर लेंगे एक क्रूर और धृष्ट आरोपण है। राजनेताओं को अपने राजस्व के विनाश
से लोगों को दी गई राहत पर अपना मूल्यांकन करने से पूर्व समस्या के समाधान
- फ्रांस की क्रांति पर टिप्पणी।