ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रशासन और वित्त प्रबंध - Page 43

28 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

1. नहरें

गंगा नहरµ 449 ½ मील।

पूर्व तथा पश्चिम यमुना नहर-पश्चिमी यमुना नहर का 445 मील लंबा भाग पूरा किया गया।

पंजाब की नहरें µ पंजाब में बारी दोआब नहर का 425 मील लंबा भाग मई 1856 को पूरा कर दिया गया। मद्रास सिंचाई कार्य µ कावेरी, गोदावारी तथा कृष्णा नदियों पर टैंक, जलाशय, बांध बनाए गए।

2. ट्रकों के लिए सड़कें मील लागत

कलकत्ता से पेशावर तक 1,423 1,423,000

कलकत्ता से बंबई तक 1,002 500,000

मद्रास से बंगलौर तक 200 37,121

बंबई से आगरा तक 734 243,676

रंगून से प्रोम तक 200 160,000

3. रेलवे लाइनें

कलकत्ता से बर्दवान तक 120

बंबई से वास्सिंद तक 50

बंबई से कोम्पी तक 10

मद्रास से वेलूर तक 81

4. इलैक्ट्रिक टैलीग्राफ

कलकत्ता से पेशावर तक सभी की लंबाई लगभग 400 मील

आगरा से बंबई तक

बंबई से मद्रास तक

श्री हैंडरिक्स कहते हैंः ‘‘क्षेत्र तथा जनसंख्या की तुलना में इन कार्यों का विस्तार या तो इतना अधिक अथवा नियमित रूप से नहीं हो सका जितना अपेक्षित था। यदि हम पूर्ण रूप से सैनिक महत्त्व के कार्यों को इसमें से निकाल दें तथा उन मदों पर विचार करें जो संचार तथा सिंचाई कार्यों के भूमि तथा जल मार्गों के अधीन आते हैं अथवा दूसरे शब्दों मेंµराजस्व की दृष्टि से लाभदायक लोक निर्माण कार्यों की समीक्षा करें तो हम पाएंगे कि हाल ही के वर्षों में एक वर्ष में कुल डेढ़ लाख पौंड खर्च हुए। यदि हम अत्यावश्यक उत्पादक कार्यों जैसे जलमार्ग का निर्माण, सिंचाई कार्यों को लें तो हम पाते हैं कि वर्ष 1853-54 में 738,015 तथा 1854-55 में 543,333 से अधिक इनका विस्तार नहीं हुआ।