2. रजत मानक और इसकी सममूल्यता का विस्थापन - Page 103

88 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

तालिका IX

सोने और चांदी का सापेक्ष उत्पादन (औंस)

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1493&1600­
1601&1700­
1701&1800**­
1801&1840
­
1841&1870
­
1871&1890
­ **
24]266]820­
29]330]445­
61]088]215­
20]488]552­
143]186]224
106]950]802
734]125]960­
1]197]073]100
1]833]672]035
80]115]5495­
­ 9]31]091]326­
­ 1]715]039]955
224]693­
­ 293]304­
­ 610]882­
512]217­
4]772]876­
­ 5]347]545­
6]797]463­
11]970]731­
18]336]720­
20]028]887­
31]038]378­
85]751]998­
100­
130-5­
271-8­
227-9­
2]124-1­
2]375-4­
100­
176-1­
269-7­
293-1­
456-6­
1261-5­

आधुनिक समय में बहुमूल्य धातुओं के उत्पादन का इतिहास वर्ष 1493 से प्रारंभ होता है जक अमरीका महाद्वीप की खोज की गई थी। 1493 से 1893 अर्थात् कुल चार सौ वर्ष के उत्पादन के परिणामों के पुनरावलोकन से हमें यह पता चलता है कि प्रथम 100 वर्ष में सोने और चांदी का उत्पादन प्रगमन की समान दर पर बढ़ा है। सोने और चांदी के उत्पादन के आधुनिक इतिहास में प्रथम शताब्दी (1493-1600) के बीच प्रत्येक धातु के वार्षिक औसत के उत्पादन का अनुमान 100 मान लिया जाए तो यह विदित होगा कि आगामी शताब्दी (1601-1700) में सोने के उत्पादन के लिए सूचकांक 130 तक बढ़ा और चांदी के संबंध में यह संख्या बढ़कर 176 हुई। इस प्रगमन की दर आगामी शताब्दी (1700-1800) में भी बनी रही। इस अवधि में सोने और चांदी दोनों की संख्या लगभग 270 तक रही और बिना किसी बाधा के यह संख्या 1840 तक बनी रही जबकि संबंधित सूचकांक सोने के लिए 228 और चांदी के लिए 293 रहे। इस स्थिति से आगे तक दोनों धातुओं के संबंधित उत्पादन में पूर्ण क्रांति आई। आगामी 30 वर्ष (1841-70) की अवधि में सोने का उत्पादन अप्रत्याशित उच्च स्थिति पर पहुंच गया जबकि अपेक्षाकृत ढंग से चांदी का स्तर पीछे रहा। चांदी-उत्पादन का सूचकांक केवल 450 तक आगे रहा परंतु सोने का सूचकांक 2,124 तक बढ़ गया। इस क्रांति के बाद प्रति-क्रांति घटित हुई जिसके परिणामस्वरूप 1870 के अंत में स्थिति भलीभांति बदल गई। सोने के उत्पादन में यकायक बाधा आ गई और यद्यपि 1840-70 के बीच इसमें अधिक वृद्धि हुई, यह 1870-93 के बीच स्थिर बनी रही। दूसरी ओर चांदी का उत्पादन 1841-70 के बीच स्थिर था, वह 1870-93 के बीच तिगुना हो गया। अतः बाद की अवधि में उसका औसत वार्षिक उत्पादन का सूचकांक 1,260 रहा।