4. स्वर्ण मानक की ओर - Page 171

156 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

‘‘....... कि भारतीय टकसालों को चांदी के असीम सिक्कों के बनाने के लिए बंद कर दिया जाए, और उस समय तक आगे कोई कदम न उठाया जाए जब तक टकसालों के बंद करने के प्रभाव का पता न लग जाए।’’

‘‘जिस अनुपात पर चांदी से सोने में परिवर्तन किया जाना चाहिए उसका बाद में निर्णय किया जाएगा और यह कहा गया था कि टकसालों के बंद करने से पहले एक सीमित अवधि के दौरान चांदी के औसत मूल्य पर आधारित अनुपात संभवतः सबसे सुरक्षित तथा सबसे उचित होगा। जब इस अनुपात का निर्णय हो जाए तो उस अनुपात पर सोने के सिक्कों का निर्माण करने के लिए टकसाल खोली जानी थी और किसी भी राशि के सोने के सिक्कों को वैध मुद्रा बनाना था।’’

इन प्रस्तावों को जांच पड़ताल के लिए एक विभागीय समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसे आमतौर से हर्शल समिति के नाम से जानते हैं। उन प्रस्तावों को एक महत्वपूर्ण स्थिति में दोषपूर्ण बताया गया और यह दोष था उसमें रुपये के मूल्य के बनाए रखने के लिए सोने के रिजर्व (निधि) की आवश्यकता की उचित मान्यता का न होना। अनेक लोगों को इन प्रस्तावों की सफलता के संबंध में उस समय तक संदेह था, जब तक एक पर्याप्त स्वर्ण निधि का उनको सहारा नहीं मिलता। परंतु हर्शल समिति ने विभिन्न देशों की मुद्रा प्रणाली की कार्यशैली का विस्तृत अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट की ख्1,

‘‘यह असंभव है........ विदेशी मुद्रा प्रणाली की इस भावना के बिना समीक्षा करना कि हमारी अपनी (इंगलिश) मुद्रा प्रणाली की सतर्कता चाहे कितनी ही सराहनीय क्यों न हो अन्य राष्ट्रों ने अलग प्रणाली को अपनाया है जिनके संबंध में ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने बिना कठिनाई के काम किया है और वे अपनी-अपनी मुद्रा के लिए स्वर्णमान को बनाए रखने और विश्व के स्वर्ण का प्रयोग करने वाले देशों के साथ थोड़े से सोने से या सोने के बिना ही विनिमय की महत्वपूर्ण समानता बनाए रखने में समर्थ हुए हैं।’’ अतएव समिति भारत सरकार के प्रस्तावों से पूर्णतया संतुष्ट थी और उसने केवल उनको अपनाने की ही स्वीकृति नहीं दी ख्2, बल्कि उसने उनमें रूपांतरण की शुरुआत करके यह बात और जोड़ी किः

‘‘चांदी के मुक्त सिक्का निर्माण के विरुद्ध टकसालों को बंद करने के साथ-साथ यह घोषणा भी की जानी चाहिए कि यद्यपि वे जनता के लिए बंद रहेंगी, परंतु उनका उपयोग सरकार द्वारा सोने के बदले में रुपये के सिक्के बनाने के लिए किया जाएगा। उसके अनुपात को निर्धारित करना होगा, वह अनुपात प्रति रुपया 1 शि. 4 पैं. हो सकता है और यह कि सरकारी खजानों में सोना, उसी अनुपात में जनता के

  1. रिपोर्टµपैरा 93

  2. रिपोर्टµपैरा 155