5. स्वर्ण मानक से स्वर्ण विनिमय मानक तक - Page 203

188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

यदि उल्लिखित तर्कों में कोई दम है तो एक्सचेंज स्टैंडर्ड संबंधी चैम्बरलेन कमीशन की राय से सहमत होना आसान नहीं है। अपितु इससे तो यह प्रश्न पैदा हो जाता है कि क्या कमीशन ने जो कुछ कहा है उसमें कहीं न कहीं कोई ऐसी कमजोरी तो नहीं जिससे यह व्यवस्था ही भंग न हो जाए। इसलिए यह जरूरी हो जाता है कि इस मानक की बुनियादी बातों पर नए दृष्टिकोण से विचार किया जाए।