6. विनिमय मानक की स्थिरता - Page 227

212 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

तालिका XLI

चांदी की स्टर्लिंग (पैंस) मेंऽ कीमत

वर्ष­ उच्चतम ­ न्यूनतम­ औसत­ फेरबदल की सीमा­ 1913­ 29 3/8­ 25 15/16 ­ 27 9/16 ­ 3 7/16 ­ 1914 ­ 27 3/4 ­ 22 1/8 ­ 25 5/16 ­ 5 5/8 ­ 1915­ 27 1/4 ­ 22 5/16 ­ 23 11/16 ­ 4 15/16 ­ 1916­ 37 1/8 ­ 26 11/16 ­ 31 5/16 ­ 10 7/16 ­ 1917­ 55­ 35 11/16 ­ 40 7/8 ­ 19 11/16 ­ 1918­ 49 1/2 ­ 42 1/2 ­ 47 9/16 ­ 7­ 1919­ 79 1/8 ­ 47 3/4 ­ 57 1/16 ­ 31 3/8 ­ 1920­ 89 1/2 ­ 38 7/8 ­ 61 7/16 ­ 50 5/8 ­ 1921­ 43 3/8 ­ 30 5/8 ­ 37­ 12 3/4 ­

परंतु मान लीजिए कि चांदी की कीमत में सट्टेबाजी के कारण वृद्धि नहीं हुई, तो क्या इससे यह समझा जाए कि रुपये की कीमत बढ़ा दी गई थी? कमेटी ने इसके निदान करते समय गंभीर भूल की। कमेटी के सामने प्रस्तुत तथ्यों से यह तथ्य रखे गए थे यह समझना कठिन है कि कोई व्यक्ति जिसे कीमतों के उतार-चढ़ाव का सतही ज्ञान भी है, वह भी इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंचेगा कि क्योंकि चांदी की कीमत बढ़ गई है इसलिए रुपये की कीमत भी बढ़ गई है। दूसरी ओर हुआ यह था कि चांदी और स्वर्ण सहित अन्य वस्तुओं के रूप में रुपये का मूल्य कम हो गया था। वास्तव में चांदी का मूल्य बढ़ने से रुपये का मूल्य कम हो गया था। आगे वाली तालिका पर इसका निर्णायक प्रभाव है।

ऽ किरकेल्डीज कृत ‘ब्रिटिश वार फाइनेंस, 1921, से पृष्ठ 35. 1921 के आंकड़े इंडियन पेपर करेंसी

रिपोर्ट से लिए गए हैं।