10 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
मैं इस प्रस्तावना को तब तक अंतिम रूप नहीं दे सकता जब तक कि मैं अपने गुरू लंदन विश्वविद्यालय (स्कूल ऑफ इक्नॉमिक्स) के प्रोफेसर ऐडविन केनन के प्रति अपनी भावभीनी कृतज्ञता प्रकट न कर लूं। उनकी मेरे प््राति सहानुभूति और मेरे इस कार्य में गहरी रुचि ने मेरे ऊपर इतने अहसान रख दिए हैं कि जिनसे मैं कभी उट्टण नहीं हो सकता। मैं यह कहने में प्रसन्नता महसूस करता हूं कि मेरी यह कृति उनकी गहरी देख-रेख में लिखी गई। यद्यपि वे कदापि उन विचारों के लिए उत्तरदायी नहीं हैं जो मैने अभिव्यक्त किए हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि उन्होंने मेरे सिद्धांतिक बहस के दौरान उठाए गए तथ्यों की गंभीरता से जांच की है और मुझे अनेक भूलों से बचाया है। विल्सन कॉलेज के प्रोफेसर वाडिया के प्रति भी मैं धन्यवाद व्यक्त करता हूं कि उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक अधिक मनोयोग से प्रूफ-संशोधन का नीरस कार्य सम्पन्न किया।