3
साक्ष्यऽ
भारतीय मुद्रा और वित्त के संबंध में 15 दिसम्बर,
1925 को शाही आयोग के समक्ष साक्ष्य
(डॉ. बी. आर. अम्बेडकर, बैरिस्टर-एट-लॉ, को बुलाया गया और उनके बयान लिए गए)
6047 (अध्यक्ष) डॉ. अम्बेडकर, आप बैरिस्टर-एट-लॉ हैं और आपने आयोग
को एक ज्ञापन देने का कष्ट किया है। इस ज्ञापन में आपने भारतीय मुद्रा
प्रणाली के संबंध में अपनी सिफारिशें विस्तृत रूप में दी हैं। मेरा विचार
है, आपको सामाजिक तथा राजनीति विज्ञान संस्थान के एक प्रतिनिधि के
रूप में भी नामित किया गया है? - हां
6048 दूसरे ज्ञापन में जिसकी राय बताई गई है?
- हां, वैसा ही है।
6049 मैं समझता हूं कि आप इन प्रश्नों के गहरे विद्यार्थी हैं मैं दो वर्ष पहले
था, परंतु जब से मैं वकालत कर रहा हूं, वास्तव में, मुद्रा में हाल में हुए
नवीनतम विकास की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दे सका हूं और इसलिए
शायद मेरे तथ्य और आंकड़े संभवतः कभी-कभी दिशातीत हो सकते हैं,
किन्तु सैद्धान्तिक दृष्टि से किसी भी प्रश्न का समुचित उत्तर दे सकूंगा
ऐसा मेरा मानना है।
6050 आप राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी रहे हैं?
मैं दो वर्ष तक सिडेन साइंस कॉलेज में प्रोफेसर था और मैने ‘‘रुपये की
समस्या’’ पर एक पुस्तक लिखी है।
ऽ भारतीय मुद्रा तथा वित्त पर रॉयल आयोग की रिपोर्ट, खंड-4, साक्ष्य की कार्यवाही, पृष्ठ 313-22