346 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
केवल सीधे यह कहता हूं कि अन्य फाइनेंशियरों ने यह कहा कि किसी
प्रकार की आरक्षित निधि की आवश्यकता नहीं है और रुपया स्वयं को
अपने आप बनाए रखेगा। और सर एडवर्ड लॉ ने यह कहा कि आरक्षित
निधि और रुपये के सिक्कों की आवश्यकता है, क्योंकि वह आरक्षित निधि
चाहता था। वास्तव में, प्रस्तावों को अस्वीकार करने के लिए वेस्टलैंड
तथा डॉकिन्स के प्रशिक्षण तथा विचारों का मैंने पर्याप्त सम्मान किया है।
मैं यह कहता हूं कि वे सही थे और एडवर्ड लॉ निश्चय ही गलत था।
6128 सर एडवर्ड लॉ ने यह नहीं कहा, उसने रुपयों के सिक्के का निर्माण
आरक्षित निधि को प्रदान करने के लिए किया था। उसने यह कहा कि
उसे इस निर्गम के प्रति पृष्ठाधार के रूप में मानना चाहिए। परंतु आप ही
इसकी व्याख्या इस प्रकार करते हैं कि उसने रुपये के सिक्के का निर्माण
अन्य कार्यों के लिया किया?-यह बात वह विज्ञप्ति में कहता है। फाउलर
समिति के समक्ष, स्वर्णमान रखने के बहुत सारे प्रस्ताव थे और सहमति ने
यह देखा कि वे बहुत खर्चीले हैं, परंतु उसने हल्का सा यह संकेत दिया
कि यदि आरक्षित निधि की आवश्यकता है तो उसे सिक्कों का निर्माण
करके तैयार किया जा सकता है। सर एडवर्ड लॉ से पहले जो दो सज्जन
हुए उनके विचार से यह आवश्यक नहीं था परंतु सर एडवर्ड लॉ ने कहा
कि आवश्यक है और उसने रुपयों के सिक्के बनाए। मैं एक सामान्य
आरोप नहीं लगा रहा हूं। मैंने जहां उचित समझा वहां उसकी प्रशंसा भी
की है। मैं आपको भी उसका संदर्भ बता सकता हूं।
6129 मैं आपके समस्त संदर्भों व उल्लेखों को सत्यापित कर सकता हूं। आप
वहां क्या तलाशना चाहते हैं?-यद्यपि फाउलर समिति की यह सिफारिश
थी कि भारत सरकार रुपये के सिक्के बनाकर स्वर्ण निधि की व्यवस्था
कर सकती है, परंतु वेस्टलैंड तथा डॉकिन्स ने उस प्रस्ताव की ओर ध्यान
देने से इनकार कर दिया क्योंकि उनका दृढ़ विश्वास था कि स्वर्ण निधि
का होना आवश्यक नहीं है और चूंकि रुपये की मात्रा सीमित थी, अतः
यह अपने आपको बनाए रख सका। परंतु एडवर्ड लॉ जब वित्त मंत्री बना
तब उसने महसूस किया कि आरक्षित निधि का होना आवश्यक है।
6130 फाउलर समिति की रिपोर्ट आने से पहले वेस्टलैंड वित्त सदस्य था। मेरा
विचार है कि जब सिफारिशों को लागू किया गया तब वह बाहर था और
फाउलर समिति ने रिपोर्ट दी तब डॉकिन्स ऑफिस का सदस्य था। परंतु
दोनों ने भारतीय राजनीतिज्ञों द्वारा प्रस्तुत सुझावों को अस्वीकार कर दिया
था?
-उस बात पर कोई मतभेद नहीं है।