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प्राक्कथन *
मुझे श्री साल्वी के अनुरोध पर भारत में वस्तु विनिमय पर उनकी पुस्तक की प्रस्तावना के रूप में कुछ शब्द लिखते हुए प्रसन्नता की अनुभूति हो रही है। यह स्पष्ट है कि उनकी यह कृति यद्यपि एक मार्गदर्शक कृति नहीं, तथापि यह इस क्षेत्र में अब तक प्रकाशित समस्त कृतियों की अपेक्षा अधिक विस्तृत कृति है। नौ अध्यायों में लेखक ने वस्तु विनिमय का उनके समस्त पहलुओं की दृष्टि से परीक्षण किया है और इस प्रकार एक अज्ञात विषय पर प्रचुर प्रकाश डाला है। वस्तु विनिमय के विषय का कृषि के साथ घनिष्ठ संबंध है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, फिर भी, इस विषय की ओर बहुत कम ध्यान दिया जाता है, जिन लोगों की भारत के कृषकों के हित व कल्याण में रुचि है, वे इस सुविस्तृत तथा शिक्षाप्रद अध्ययन के प्रकाशन का स्वागत करेंगे।
बम्बई, 29 दिसम्बर, 1946
µबी.आर. अम्बेडकर
* वस्तु विनिमय (कमोडिटी एक्सचेंज)ः
लेखक पी.जी. साल्वी, एम.ए.
दि कोआपरेटर्स बुक डिपो, 9, बेकहाउस लैंड, फोर्ट, बम्बई 1947