1. दोहरे मानक से रजत मानक तक - Page 54

दोहरे मानक से रजत मानक तक

39

ने मानक के प्रश्न को निर्धारित करने में मामले के रूप में स्वीकार कर लिया है। 1825 के संकट से यह विदित हुआ कि सोने के मानक ने सरलता से कार्य करने के लिए अंग्रेजी मुद्रा पद्धति के लिए संकीर्ण आधार प्रस्तुत किया और उस समय के विशेषज्ञों के मतानुसार ख्1, सोने का मानक इंग्लैंंड की वाणिज्यिक वरीयता के मामले से कहीं दूर उस देश की समृद्धि के लिए अवरोध था क्योंकि इसने अपने को शेष विश्व से अलग कर लिया था जो अधिकांशतया चांदी के आधार पर था। यहां तक कि उस समय के अंग्रेजी राजनेताओं ने सोने के मानक की वरीयता के संबंध में निर्णय नहीं किया था। 1826 में हस्किसन ने वास्तव में यह प्रस्ताव किया कि सरकार को पूर्व विधिमान्य चलार्थ के चांदी के प्रमाण पत्र जारी करने चाहिए। ख्2, यहां तक कि 1844 तक मानक के प्रश्न पर कोई समझौता नहीं हो पाया क्योंकि हम देखते हैं कि पील के मंत्रिमंडल को दिए ज्ञापन ख्3, में चांदी अथवा द्वि धातु मानक को के पक्ष में किसी भी प्रकार कोई पश्चाताप अथवा पूर्वाभिरुचि से सोने के मानक त्यागने की संभावना पर विचार किया गया था। वित्तीय अलगाव की कठिनाइयां स्पष्ट रूप से इतनी अजेय नहीं थी कि मानक में परिवर्तन के लिए बाध्य होना पड़े_ परंतु वे इतनी विकराल थीं कि पील को बाध्य होना पडा़ कि उन्होंने बैंक चार्टर एक्ट, 1844 में आंशिक रूप से हरिन्कनसन की योजना को सम्मिलित करते हुए अपना प्रसिद्ध प्रतिबंध शामिल किया था और चांदी की तुलना में नोटों के जारी ख्3, करने की अनुमति दी गई तथा जारी की गई मुद्रा का चौथाई अंश ख्4, रखा गया। वास्तव में चांदी की स्थिरता के बारे में व्यापक रूप से इतना अधिक विश्वास था कि 1847 में हॉलैंड ने व्यावहारिक रूप से सोने के एकल धातुवाद के स्थान पर चांदी के एकल धातुवाद ख्5, को बदल लिया क्योंकि उनके राजनेताओं का विश्वास थाः-

‘‘इंग्लैंड के समान हॉलैंड में मुद्रा पद्धति अपनाए जाने से वाणिज्यिक और औद्योगिक हितों के लिए विनाशपूर्ण सिद्ध हुई। सोने के मानक की स्वीकृति के बाद

  1. देखिए-सिक्के के लिए समिति (1828) के समक्ष (लार्ड आशुबर्टन) को छोड़ते हुए ए. बैरिंग का

साक्ष्य-1830 के सी रिटर्व 31 का एच

  1. देखिए मंत्रिमंडल को दिया गया उनका ज्ञापन जो निब्ज द्वारा छापा गया-ए कॉलोक्यूए आफन करेंसी

(1894) अनुलग्नक पृ. XLVII

  1. इसके लिए एन. डी. डेस लिखित हिस्ट्री ऑफ द बैंक ऑफ इंग्लैंड पूरक 1 देखिए।
  2. इस निष्क्रिय उपबंध के मूल उद्देश्य के लिए देखिए -बैक चार्टर एक्ट पर 20 मई, 1844 को पील

का भाषण, हन्सार्ड, खंड LXXIV पृष्ठ 1334-35

  1. सिद्धांत में हॉलैंड द्विधातु का सिक्का अपनाया किन्तु 15.8.73 और 1 अनुपात में वैध सिक्कों का

अवमूल्यन कर दिया गया कि सोने का सिक्का ही हॉलैंड में मुख्य रूप से प्रचालित हो गया।