शूद्र कौन थे-क्या शूद्र क्षत्रिय थे?
103
पैजवन विजवन का पुत्र था।
सुदास पैजवन का पुत्र था।
यास्क की सहायता से हम स्पष्ट रूप से यह कहते हैं कि महाभारत (शांतिपर्व) में चर्चित पैजवन सुदास का दूसरा नाम मात्र है। यहां प्रश्न यह उठता है कि सुदास कौन है और हम उसके विषय में क्या जानते हैं? ब्राह्मण साहित्य में हमें सुदास नाम के तीन व्यक्तियों का उल्लेख मिलता हैःµ
एक सुदास का पारिवारिक विवरण ऋग्वेद ख्1, में इस प्रकार हैःµ
- ऋग्वेद, 7-18.21ः - ‘‘सैकड़ों साक्षसों के संहारक पराशर और वशिष्ठ ने तेरी
अर्चना की। उन्होंने सर्वजन के समक्ष तुझे गौरवान्वित किया। उनकी मैत्री की अवहेलना
न कर। इस प्रकार धर्मात्माओं के प्रति सुखद प्रभाव उचित होता है।’’
- ऋग्वेद, 7-18.22ः - ‘‘हे अग्नि, दो सौ गोओं और दो रथों का दान करने वाले
देववान के पौत्र तथा पैजवन के पुत्र सुदास, जिसकी दो पत्नियां हैं, या यशगान
करते हुए मैं मुख्य पुरोहित के रूप में तुम्हारी प्रदक्षिणा करता हूं।’’
- ऋग्वेद, 7-18.23ः - ‘‘स्वर्ण की जीन से सुसज्जित दुर्गम मार्गों पर त्वरा गति
से चलने वाले उत्तम नस्ल के चार अश्व मुझे पैजवन के पुत्र सुदास ने उपहार में
दिए। मुझे संतति और भोजन लाभ दो।’’
- ऋग्वेद, 7-18.24ः - ‘‘सातों लोक इंद्र के समान सुदास की स्तुति करते हैं। उसका
यश पृथ्वी से स्वर्ग तक गूंज रहा है। प्रचुर’’ धन की दानी सुदास के लिए बहती
हुई नदियों ने युद्ध में युध्यामधि का विनाश कर दिया है।’’
- ऋग्वेद, 7-18.25ः - ‘‘हे मरुदगन, जिस प्रकार आपने सुदास के पिता दिवोदास
पर कृपा की है, उसी प्रकार युवा सुदास पर भी करो। पैजवन के पुत्र की स्तुति से
प्रसन्न हो उसके बल और शौर्य को अक्षुण्ण रखो।’’
सुदास नामक दो अन्य व्यक्तियों का विवरण विष्णु पुराण में मिलता है। विष्णु पुराण के चतुर्थ अध्याय में एक सुदास का विवरण राजा सगर के वंशज के रूप में मिलता है।
वंशवृक्षः राजा सगर से सुदास तक निम्नवत है ख्1, ःµ
राजा सागर की दो पत्नियां कश्यप की पुत्री सुमति तथा विदर्भराज की पुत्री केशिनी थीं। संततिहीन रहने पर राजा ने ऋषि आर्व की सहायता मांगी। ऋषि ने वरदान दिया कि उसकी एक पत्नी एक पुत्र को जन्म देगी तथा दूसरी साठ हजार पुत्रों को। निर्णय राजा
- विल्सन का ऋग्वेद खंड-4 (पूना रिप्रिंट) पृ. 146