शूद्र कौन थे-क्या शूद्र क्षत्रिय थे?
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III
हम सुदास-पैजवन के विषय में क्या जानते हैं?
सुदास-पैजवान के विषय में निम्नलिखित विवरण मिलते हैंःµ
(एक) सुदास न तो दास था औ न आर्य। दास और आर्य उसके शत्रु थे। ख्1, इसका अर्थ
यह हुआ कि वह वैदिक आर्य था।
(दो) सुदास का पिता दियोदास बध्रयाश्व ख्2, का दत्तक पुत्र था। राजा दिवोदास ने तुर्बस ख्3,
और यादु शम्बर ख्4, पारव और करंज ख्5, और गुंगू ख्6, से अनेक बार युद्ध किया।
दिवोदास और तुर्यवन में युद्ध हुआ और तुर्यवन ख्7, विजयी हुआ। ऐसा प्रतीत होता है कि युद्ध के समय इंद्र दिवोदास के विरुद्ध था। सुदास ने अपने पुरोहित भारद्वाज ख्8, को अनेक उपहार ख्9, दिए थे।
भारद्वाज ने छल किया और वह दिवोदास ख्10, के शत्रु तुर्यवन से जा मिले। सुदास की माता के विषय में कुछ भी पता नहीं चलता, किंतु अश्विनी कुमारों की कृपा से प्राप्त उसकी पत्नी का नाम सुदेवी बताया गया है। ख्11,
(तीन) सुदास राजा था तथा उसका राज्याभिषेक ब्रह्मर्षि वशिष्ठ ने किया था।
राजाओं के महाभिषेक उत्सवों को संपन्न करने-कराने वाले पुरोहितों का वर्णन ऐतरेय ब्राह्मण में इस प्रकार मिलता है ख्12, ःµ
‘‘भृगु पुत्र च्यवन ने मनु के पुत्र र्श्याति का अभिषेक किया। र्श्याति पृथ्वी को जीतता चला गया और अश्वमेध यज्ञ किया।’’
‘‘वाजरप्न के पुत्र सामसुषम का अभिषेक सत्रजित के पुत्र शातनिक के किया। उसने संपूर्ण जगत पर विजय प्राप्त की और अश्वमेध यज्ञ किया।’’
ऋग्वेद 7-83. 1
ऋग्वेद 9.61.2
ऋग्वेद 6.61-1 तथा 8-19.8
ऋग्वेद 1. 130.7
ऋग्वेद 1, 53, 10
ऋग्वेद 10. 48
ऋग्वेद 1.53.8 तथा 6-18.13
ऋग्वेद 1.116.18
ऋग्वेद 4-16-5
ऋग्वेद 6-18-13
ऋग्वेद 1-112, 19
ऋग्वेद मार्टिन हॉग, खंड 2, 523-524