अध्याय 2. शूद्रों की उत्पत्ति का ब्राह्मणवादी सिद्धांत - Page 47

32 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाड्ख्.,मय

चारों वर्णों विशेषकर शूद्र वर्ण की उत्पत्ति के संबंध में ब्राह्मण ग्रंथों की मीमांसा पर हमें मेक्समूलर के ये शब्द सहसा याद आ जाते हैं। ये परिकल्पनाएं वास्तव में ‘‘मूर्खों का प्रलाप’’ या ‘‘पागल की बौखलाहट’’ की भांति हैं और मानवीय समस्याओं के विषय में स्वाभाविक मीमांसा की खोज में लगे इतिहास के विद्यार्थी के लिए तो यह साहित्य सचमुच ही व्यर्थ है।