अध्याय 4. शूद्र बनाम आर्य - Page 69

54 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाड्ख्.,मय

पाश्चात्य विद्वानों के सिद्धांतों का मुख्य आधार आर्य नामक जाति है। अतः सर्वप्रथम इसको ही लेते हैं।

आर्य कौन थे? इससे पूर्व आर्य शब्द का अर्थ जान लेना जरूरी है, अन्यथा प्रजाति (नस्ल) के संबंध में गलती हो सकती है। इस संबंध में सर्वोत्तम उदाहरण यहूदियों का है। ऊपरी तौर पर वे अलग प्रजाति लगते हैं, परंतु विशेषज्ञ क्या कहते हैं? यहूदियों के विषय में प्रोफेसर रिप्ले का मत है ख्1, ःµ

‘‘जब हमारा अंतिम निष्कर्ष हैः यह विरोधाभास है, परंतु सत्य है। हम स्वीकार करते हैं कि यहूदी प्रजाति नहीं है परंतु अंततोगत्वा वे एक समुदाय है। इनके चेहरे से इसकी पुष्टि होती है किन्तु जहां तक अन्य विशिष्टताओं का प्रश्न है, हमारा विश्वास है कि उनके अंगों की रचना निस्संदेह उनकी शूद्र रक्तीय अनुपम शरीर रचना के बनाए उनकी वंशानुगत विशिष्टता है।’’

प्रजाति (नस्ल) क्या है? किसी जाति की परिभाषा उसके लोगों की वंशानुगत विशिष्ट शारीरिक बनावट से होती है। कभी यह विश्वास किया जाता था कि निम्नांकित विशेषताओं से प्रजाति का निर्धारण होता हैःµ

(1) सिर की आकृति (2) बालों और आंखों का रंग, (3) त्वचा का रंग और (4) आकार (शरीर का गठन)। आज का मापदंड रंजकता और आकृति की विशिष्टताओं पर आधारित है। जो जलवायु और निवास अनुसार बदल जाती है। इसलिए इनसे प्रजाति निर्धारित नहीं हो सकती। एक मात्र विश्वसनीय विशिष्टता सिर की आकृति है -जिसका अर्थ है, लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई का सामान्य अनुपात। इसी कारण नृविज्ञान शास्त्री और प्रजाति वैज्ञानिक प्रजाति का निर्धारण करना सर्वश्रेष्ठ ढंग मानते हैं। नृविज्ञान शास्त्रियों ने प्रजाति निर्धारण के लिए सिर की बनावट का जो सिद्धांत निर्धारित किया है वह सटीक विज्ञान है। इसे नृविज्ञान शास्त्र कहते हैं। इस विधि के अनुसार सिर की आकृति नापने के लिए दो मापदंड रखे हैं (1) शीर्ष आकृति और (2) चेहरे की आकृति। इसी से जाति का निर्धारण होता है।

शीर्ष स्थिति कानों के ऊपर रखी गई है और माथे से गुद्दी तक नापी जाती है। इसके अनुसार मान लें यद्यपि लंबाई 100 है, चौड़ाई को उसका अंश माना गया है। यदि सिर आनुपातिक रूप से चौड़ा है ऊपर से पूरी तरह गोल है, इससे शीर्षस्थल बढ़ जाता है। जब यह 80 से ऊपर होता है तो उस खोपड़ी को लघु शिरस्क कहा जाता है, जब तक 75 से कम होता है तो उसे दीर्घ शीरस्क कहते हैं। 75 से 80 के बीच के आकार वाले को मध्य शिरस्क कहा जाता है। यह पारिभाषिक शब्दावली है। साहित्य में प्रजाति के

  1. रिप्ले डब्ल्यू ई. द रेसेस आफ यूरोप पृष्ठ 400