1. गैर-हिन्दुओं में छुआछूत - Page 31

16 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाड्ख्.,मय

II

यदि हम आदिम काल के समाज के बाद प्राचीन समाज पर दृष्टिपात करें तो प्राचीन समाज की अशुद्धि की कल्पना आदिम समाज की अशुद्धि की कल्पना से कुछ भिन्न नहीं थी। अशुद्धि के स्रोत में अथवा कारणों में भेद हैं। शुद्धिकारक रीति-रिवाज भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, किंतु इन भेदों के अतिरिक्त आदिम काल के समाज और प्राचीन समाज में अपवित्रता तथा पवित्रता का जो रूप है वह एक जैसा है।

मिस्र देश की अशुद्धि कल्पना की यदि आदिम समाज की अशुद्धि पद्धति से तुलना की जाए तो दोनों में केवल इतना ही अंतर है कि मिस्र देश में यह अधिक कठोर हो गई।

यूनानियों में रक्त प्रवाह, भूतों का प्रभाव, मृत्यु, संभोग, बालक का जन्म, शौच, निषिद्ध भोजनों का खाना जैसे, शोरबा-विशेष, मक्खन और लहसुन, अनधिकृत व्यक्तियों का पवित्र स्थानों में चले आना और विशेष अवस्थाओं में गाली देना तथा झगड़ा करना भी अशुद्धि के कारण माने जाते थे, और पवित्रता के साधन, जिन्हें सामूहिक रूप से यूनानी कापोइया कहते थे। अभिमंत्रित जल, गन्धक, प्याल, धूनी, आग, कुछ पेड़ों की डालियां, दूसरी वनस्पति, अलकतरा, ऊन, कुछ पत्थर और ताबीज, सूर्य की ताप, स्वर्ण सदृश चमकदार वस्तुएं, बलि के पशु, विशेष रूप से सुअर और उसमें भी उनका रक्त और मांस, कुछ उत्सव और उन अवसरों पर किए जाने वाले रीति-रिवाज विशेष रूप से शाप देना तथा बलि का पात्र थे। शुद्धि का एक असाधारण तरीका प्रदूषित आदमी के सिर के बाल काटना और देवता से इसका संबंध स्थापित करना भी था।

रोम वासियों की अपवित्रता और पवित्रता की कल्पना की विशेषता हैµ प्रादेशिक तथा जातिगत दूषित तथा पवित्रता की कल्पना। जिस प्रकार घर की पवित्रता होती थी उसी प्रकार का एक संस्कार सारे प्रदेश को पवित्र बनाने वाला भी था। प्रादेशिक शुद्धि का संस्कार सारी सीमा की प्रदक्षिणा करने और बलि देने से पूरा होता था। प्राचीन काल में शहरी परकोटे के चारों ओर एक इसी प्रकार की प्रदक्षिणा होती थी। ऐतिहासिक युग में नगर के विशेष पवित्रीकरण का आयोजन किसी भी आपदा के बाद किया जाता था, जैसे द्वितीय प्यूनिक युद्ध से हुए महान विनाश के बाद हुआ। इन सारे प्रायश्चितों का मुख्य उद्देश्य देवताओं की अनुकम्पा प्राप्त कर लेना मात्र था। किसी भी उपनिवेश के आरंभ के समय शुद्धिकरण होता था। सीमाओं और बाजारों की रक्षा भी अपने-अपने मूल रूप में उनका शुद्धिकरण ही रहा होगा। अभी पिछले समय तक पादरियों का एक वर्ग विशेष प्राचीन रोग की सीमाओं पेलेरिनेट की बस्ती