38 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाड्ख्.,मय
की दूसरी धारा पर विचार करें। आदिम समाज किस प्रकार घुमन्तु समाज ने रहकर स्थिर बसा हुआ समाज बन गया? आदिम समाज के खानाबदोश कबीले न रहकर बस्तियों में बसा हुआ समाज बनने की कथा इतनी अधिक लंबी है कि वह एक अध्याय में आ नहीं सकती। केवल दो बातों की ओर ध्यान देना काफी होगा। जानने की पहली बात यही है कि किस चीज ने समाज में उसका घुमन्तु जीवन छुड़ा दिया। दूसरे घुमन्तु जीवन से स्थिर जीवन तक पहुंचने के बीच उसे किस-किस अवस्था में से गुजरना पड़ा?
निःसंदेह आदिम समाज घुमन्तु समाज था किंतु यह घुमन्तु अपने किसी घुमक्कड़ स्वभाव विशेष के कारण नहीं था। इसका कारण यही था कि उस समाज का व्यवसाय पशुपालन था। इसलिए वे नए चरागाहों की खोज में घूमते थे। आदिम समाज अपने पशु प्रेम के कारण जहां-जहां पशु ले जाते वहां चले जाते थे। कालांतर में आदिम कबीलों का निवास स्थिर हो गया। किंतु उसी समय उसे एक नई संपदा का पता चला। यह नई संपदा भूमि थी। यह उस समय हुआ जब आदिम समाज ने खेती करने और खेत जोतने की कला सीख ली। जब उसका धन पशुओं, भूमि में परिवर्तित हो गया और मात्र पशुपालन से भूमि में परिवर्तन होने से धन एक जगह स्थिर हो गया। इस परिवर्तन के साथ-साथ आदिम समाज भी स्थिर होकर एक जगह बस गया।
इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि आदिम समाज किसी समय खानाबदोश समाज क्यों था और फिर उसने एक जगह स्थिर होकर रहना क्यों सीख लिया।
ध्यान देने की दूसरी बात यह है कि जब आदिम समाज घुमन्तु जीवन छोड़ने की ओर अग्रसर था उस समय क्या घटनाएं घटीं। घुमन्तु जीवन को छोड़कर स्थिरता का जीवन ग्रहण करने पर आदिम समाज के सामने मुख्य रूप से दो समस्याएं सामने आईं। एक तो वह थी जो एक जगह बस जाने वालों के सम्मुख आई और दूसरी वह थी जो छितरे हुए कबीलों के सम्मुख आई। एक जगह बस जाने वाली जातियों के सामने समस्या थी कि वे दूसरे घुमन्तु कबीलों से अपनी रक्षा कैसे करें। छितरे लोगों के सामने सुरक्षा और शरण स्थल की समस्या थी। इसे और अधिक विस्तार से बताना आवश्यक हो सकता है कि ये समस्याएं क्यों और कैसे उत्पन्न हुई हैं।
एक जगह बस जाने वाली जातियों के सामने जो समस्या आई उसे समझने के लिए निम्नलिखित बातों की ओर ध्यान देना होगा। सभी घुमन्तु कबीले अथवा जातियां एक ही समय स्थिर नहीं हुई थीं। कुछ स्थिर हो गइंर्, कुछ घुमन्तु बनी रही। याद रखने की दूसरी बात यह है कि ये कबीले अथवा जातियां कभी आपस में एक दूसरे के साथ शांति से नहीं रहे। ये हमेशा आपस में युद्ध करते रहे। जब ये कबीले घुमन्तु थे तो उनका मुख्य कारण आपस में युद्ध करना ही रहा। जैसे (1) पशुओं की चोरी (2) स्त्रियों का हरण (3) दूसरे कबीलों अथवा जातियों के चरागाहों में पशुओं