7. छुआछूत की उत्पत्ति का आधर-नस्ल का अंतर - Page 86

छुआछूत की उत्पत्ति का आधारµनस्ल का अंतर

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आर्यों अथवा द्रविड़ों से भिन्न नस्ल के हैं। महाराष्ट्र की मुख्य आबादी मराठों की है। महार महाराष्ट्र के अछूत हैं। उन दोनों के नस्लीय अध्ययन से पता चलता है कि दोनों एक कुल के हैं। वास्तव में एकरूपता इतनी अधिक है कि मराठों में भी शायद ही कोई एक भी ऐसा कुल हो जो महारों में न हो। इसी प्रकार पंजाब में एक बड़ी जनसंख्या जाटों की है। मजहबी सिख अछूत गिने जाते हैं। उनमें अधिकांश चमार हैं। मानवशरीर शास्त्रीय खोज से प्रकट होता है कि दोनों के गोत्र समान हैं। यह सब बातें सही होने पर यह कैसे कहा जा सकता है कि आर्य भिन्न नस्ल के हैं। जैसा कि मैंने कहा है कि यदि इन चिन्हों (टोटमों), कुलों और गोत्रों का कुछ भी अर्थ है तो इतना अर्थ तो होना ही चाहिए कि जिनका एक ही टोटम है वे संबंधी होंगे। यदि वे एक ही रक्त के रहे तो वे भिन्न नस्ल के नहीं हो सकते। अतः छुआछूत की उत्पत्ति को नस्ल का सिद्धांत नहीं मानना चाहिए।