भाग तीन - छुआछूत की उत्पत्ति के पुराने सिद्धांत - Page 87

सभ्यता एक वरदान है। वह मानव व प्रकृति, कला के कौशल के ज्ञान का संचित भंडार है। वह एक नैतिक संहिता है, जो अपने साथियों के प्रति मानव के आचरण को विनियमित करती है। वह एक सामाजिक संहिता है, जो प्रत्येक व्यक्ति के द्वारा पालन किए जाने वाले नियमों-विनियमों की व्यवस्था करती है। वह एक नागरिक संहिता है, जो शासक तथा शासित के अधिकारों तथा कर्तव्यों का प्रावधान करती है।

µ डॉ. भीमराव अम्बेडकर