172 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
काशीपुर में। 19 जून को रथयात्रा के जुलूस को लेकर कानपुर में फिर दंगा हो गया।
20 नवंबर, 1939 को सक्कर, सिंध में एक भंयकर दंगा हुआ। यह दंगा उस आंदोलन की परिणति था, जो मंजि़लगाह नामक इमारत पर अधिकार जमाने, और जरूरत पड़ने पर ताकत का भी इस्तेमाल करने के लिए शुरू किया गया था। यह इमारत संपत्ति के रूप में सरकार के कब्जे में थी और इसके हस्तांतरण पर हिंदुओं ने आपत्ति की थी। इन उपद्रवों की जांच करने के लिए मि. ई. वेस्टन को नियुक्त किया गया, जो आजकल बंबई हाई कोर्ट के जज हैं। उन्होंने मारे गए और जख्मी हुए लोगों के निम्नांकित आंकड़ेऽ दिएः-
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23 11 4 3 1 1 1 3 |
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~~1 ~~ 5 2 & & & & & 1 |
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| ;ksx | 142 | 14 | 58 | 12 | **9 ** | & |
ऽ 1939 में सक्कर में हुए दंगों की जांच करने के लिए सिंध पब्लिक इंक्वायरीज़ एक्ट की धारा 3 के
अंतर्गत कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट, पृ. 65। इसमें कत्ल किए गए हिंदुओं की संख्या 142 गलत
लगती है। यह संख्या 72 होनी चाहिए।