पाकिस्तान का हिंदू विकल्प
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संख्या और अवधि ज्ञात नहीं है। 1932 में फिर दो दंगे हुए। इनमें से पहला छोटा था। दूसरे में 217 लोग मारे गए, 2,713 जख्मी हुए और ये दंगे 49 दिन तक चलते रहे। 1933 में एक दंगा हुआ, जिसका विवरण उपलब्ध नहीं है। 1936 में एक दंगा हुआ, जिसमें 94 लोग मारे गए और 632 जख्मी हुए और यह 65 दिन तक चलता रहा। 1937 के दंगे में 11 लोग मारे गए 85 जख्मी हुए ओर यह 21 दिन तक चलता रहा। 1938 में केवल एक दंगा ढाई घंटे तक चला, पर इतनी-सी देर में ही 12 लोग मारे गए और 100 से कुछ अधिक घायल हुए। फरवरी 1929 से अप्रैल 1938 तक - 9 वर्ष 2 महीने की इस अवधि में केवल बंबई शहर के ही हिंदू और मुसलमान 210 दिनों तक इन रक्तपातपूर्ण झगड़ों में उलझे रहे, जिनमें 550 आदमी मारे गए और 4,500 जख्मी हुए। इन आंकड़ों में आगज़नी और लूटपाट के कारण हुई संपत्ति की हानि शामिल नहीं की गई है।
V
1920 से 1940 तक हिंदू-मुस्लिम संबंधों का इस तरह का रिकॉर्ड है। हिंदू-मुस्लिम एकता स्थापित करने के लिए श्री गांधी ने जो जी-तोड़ कोशिश की यदि उसे सामने रखकर देखा जाए तो एक अत्यंत ही दुखद और दिल दुखाने वाला चित्र उभरकर समाने आता है। यह कहना अतिशयोक्तिपूर्ण नहीं होगा कि यह हिंदुस्तान में हिंदुओं और मुसलमानों के बीच 20 वर्षों तक चलने वाले गृहयुद्ध का रिकॉर्ड है, जिसमें सशस्त्र शांति के छोटे-छोटे अंतराल गुजरे हैं।
इस गृहयुद्ध में आमतौर से तो पुरुष ही शिकार और उत्पीडि़त हुए, परंतु उत्पीड़न से महिलाएं भी नहीं बचीं। शायद यह पूरी तरह ज्ञात नहीं है कि कितनी महिलाएं इस सांप्रदायिक उपद्रवों के दौरान उत्पीडि़त की गईं। समूचे हिदुंस्तान के बारे में जानकारी उपलब्ध नहीं है, किंतु बंगाल के बारे में कुछ जानकारी उपलब्ध है।
6 सितंबर, 1932 को पुरानी बंगाल विधान परिषद में बंगाल प्रांत में स्त्रियों के अपहरण की घटनाओं से सम्बद्ध प्रश्न पूछे गए थे। तत्कालीन सरकार ने उनके उत्तर में बताया कि 1922 से 1927 के बीच 568 महिलाओं का अपहरण किया गया। इनमें से 101 अविवाहित थीं ओर 467 विवाहित। जब पूछा गया कि ये अपहरण की गई महिलाएं किस समुदाय की थीं तो बताया गया कि 101 अविवाहित महिलाओं में 64 हिंदू, 29 मुस्लिम, 4 ईसाई थीं और 4 का यह पता नहीं कि वे किस संप्रदाय की थीं। 467 विवाहित महिलाओं में से 331 हिंदू, 122 मुस्लिम, 2 ईसाई थीं और 12 का पता नहीं कि वे किस संप्रदाय की थीं। ये आंकड़े उन मामलों के हैं, जिनकी