184 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
लिए केवल राजनीतिक एकता ही पर्याप्त नहीं थी और जैसा कि ब्राइस ने कहा है - ‘रोमन साम्राज्य के पश्चिमी आधे भाग के अलग-अलग राजाओं में विघटन का पूर्वाभास दो सौ वर्ष पूर्व ही हो जाता, यदि सीमा पर रहने वाली बर्बर जातियां अधिक साहसी होतीं और यदि डियोक्लेशियन के रूप में सक्रिय और चतुर राजकुमार न होता, जिसने उनके टुकड़े होने से पहले ही उन्हें एक सूत्र में बांध लिया और ऐसा करते समय नई समस्याओं के लिए नए हल खोज लिए।’ परंतु सच्चाई यह है कि जो रोमन साम्राज्य लड़खड़ा रहा था और टुकड़ों में बंट रहा था, और जिसकी राजनीतिक एकता उसे बांधे रखने में समर्थ नहीं थी, वहीं होली रोमन एम्पायर अपने निर्माण के बाद 400 वर्षों तक चलता रहा। जैसा कि प्रो. मार्विन ने कहा हैः
फ्रोमन साम्राज्य की एकता मुख्यतः राजनीतिक और सैनिक थी। यह लगभग
400 से 500 वर्षों तक बना रहा। जो एकता कैथोलिक चर्च के कारण आई,
वह धार्मिक और नैतिक थी और लगभग एक हजार वर्षों तक चली।य्ऽ
प्रश्न यह है कि होली रोमन एम्पायर रोमन एम्पायर के मुकाबले आशा से कहीं अधिक टिकाऊ कैसे सिद्ध हुआ? ब्राइस के अनुसार, ईसाई धर्म के रूप में एक सामान्य धर्म ने और एक सामान्य धार्मिक संगठन अर्थात् क्रिश्चियन चर्च ने होली रोमन एम्पायर के लिए सीमेंट का काम किया। रोमन एम्पायर के पास यह चीज नहीं थी। इस सीमेंट के कारण एम्पायर के लोगों में एक नैतिकता और सामाजिक एकता पैदा हो गई और वे एक ही सरकार के अंतर्गत इसकी अभिव्यक्ति और प्राप्ति को देखने लगे।
एक सामान्य धर्म के रूप में ईसाई धर्म का एकीकरण करने वाले इस प्रभाव के बारे में ब्राइस का कहना हैः
फ्धर्म के ऊपर ही किसी राष्ट्र का अंतरतम और गहनतम जीवन निर्भर
करता है। चूंकि देवत्व विभाजित हो गया, इसलिए मानवता भी विभाजित
हो गई। भगवान की एकता के सिद्धांत से अब मनुष्य की एकता की बात
लागू की गई है, क्योंकि मनुष्य उसकी प्रतिकृति के रूप में बना है। ईसाई
धर्म का पहला पाठ प्रेम का था। ऐसा प्रेम जो उन लोगों को जोड़ेगा जो
पहले संदेह और पूर्वाग्रहों के कारण अलग-अलग थे। इस तरह नए धर्म
ने एक आस्थावान समुदाय (संप्रदाय) या होली एम्पायर का निर्माण किया,
जो सभी मनुष्यों को अपने सीने से लगा लेता था। यह पुरानी दुनिया के
ऽ दि यूनिटी ऑफ वेस्टर्न सिविलाइजेशन (चौथा संस्करण), पृ. 27