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अध्यायः 8
पाकिस्तान का मुस्लिम विकल्प
I
हिंदू कहते हैं कि उनके पास पाकिस्तान का विकल्प है। क्या मुस्लिमों के पास भी पाकिस्तान का विकल्प है? हिंदू कहते हैं फ्हांय्, मुस्लिम कहते हैं फ्नहींय्। हिंदुओं का विश्वास है कि पाकिस्तान के लिए मुस्लिमों का प्रस्ताव सिर्फ सौदेबाजी के लिए है, ताकि कम्यूनल एवार्ड के तहत प्राप्त सांप्रदायिक सुविधाओं के अतिरिक्त उन्हें और भी सांप्रदायिक सुविधाएं प्राप्त हो सकें। मुस्लिम इस बात से इंकार करते हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान के बराबर कोई अन्य चीज नहीं है, इसलिए उन्हें पाकिस्तान चाहिए और केवल पाकिस्तान ही चाहिए। ऐसा लगता भी है कि मुसलमान पाकिस्तान के प्रति बहुत अधिक समर्पित हैं, और उनका दृढ़ संकल्प है कि उन्हें कुछ नहीं चाहिए और हिंदुओं की विकल्प की आशा कोरा काल्पनिक विचार है। परंतु यदि मान भी लिया जाए कि हिंदू इतने चतुर हैं कि वे मुस्लिम खेल के दांव-पेंच को समझते हैं, तब क्या हिंदू पाकिस्तान के मुस्लिम विकल्प को स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाएंगे? इस प्रश्न का उत्तर निश्चित रूप से इस बात पर निर्भर करेगा कि मुस्लिम विकल्प क्या है।
पाकिस्तान का मुस्लिम विकल्प क्या है, यह कोई भी नहीं जानता। यदि मुस्लिमों के पास कोई विकल्प है भी तो उन्होंने उसे जाहिर नहीं किया और शायद वे उस दिन तक उसे जाहिर करेंगे भी नहीं, जब तक कि विरोधी संप्रदाय आपस में मिलकर उन शर्तों को संशोधित और तय न कर लें जिनके आधार पर भविष्य में हिंदू और मुस्लिम मिलकर रहेंगे। पहले से चेतावनी मिल जाना पहले से सशस्त्र हो जाने जैसा होता है। अतएव हिंदुओं के लिए यह आवश्यक है कि मुस्लिम विकल्प के बारे में कुछ न कुछ जानकारी प्राप्त कर लें, ताकि वे आकस्मिक आघात का सामना कर सकें। यह इसलिए भी आवश्यक है कि ऐसा विकल्प कम्यूनल एवार्ड से बेहतर नहीं हो सकता, बल्कि कई दर्जे ज्यादा खराब ही होगा।