188 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
किसी ठोस वैकल्पिक प्रस्ताव के अभाव में, केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है, अतः एक व्यक्ति का अनुमान उतना ही अच्छा हो सकता है, जितना दूसरे का और इसलिए संबद्ध पक्ष को यह चुनाव करना पड़ेगा कि वह किस पर विश्वास करे। इस बारे में संभावित अनुमानों में से मेरा अनुमान यह है कि मुस्लिम अपने विकल्प के रूप में निम्नलिखित प्रस्ताव रख सकते हैंः
हिंदुस्तान का भावी संविधान यह प्रावधान करेगाः-
- केंद्रीय और प्रांतीय दोनों विधान-मंडलों में पृथक निर्वाचक-प्रणाली के
आधार पर मुस्लिमों का 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व होगा।
केंद्रीय और प्रांतीय कार्यपालिका में मुस्लिम प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत होगा।
सरकारी सिविल सेवाओं में 50 प्रतिशत पद मुस्लिमों के लिए निर्धारित
किए जाएंगे।
- सशस्त्र सेनाओं में सैनिकों और उच्च पदों में मुस्लिमों का अनुपात आधा-आधा
होगा।
- सभी सार्वजनिक निकायों, जैसे परिषदों और आयोगों में सार्वजनिक कार्यों
के उद्देश्यों के लिए मुसलमानों का प्रतिनिधित्व 50 प्रतिशत होगा।
- उन सभी अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में, जिनमें भारत भाग लेगा, मुस्लिमों को 50
प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
यदि प्रधान मंत्री हिंदू होगा, तो उप-प्रधान मंत्री मुस्लिम होगा।
यदि सेनाध्यक्ष (कमांडर-इन-चीफ) हिंदू होगा, तो उप-सेनाध्यक्ष (डिप्टी
कमांडर-इन-चीफ) मुस्लिम होगा।
- विधान-मंडल के 66 प्रतिशत मुस्लिम सदस्यों की सहमति के बिना प्रांतीय
सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
- विधान-मंडल के 66 प्रतिशत मुस्लिम सदस्यों की सहमति के बिना किसी
मुस्लिम देश के विरुद्ध कोई कार्रवाई या संधि वैध नहीं होगी।
- विधान-मंडल के 66 प्रतिशत मुस्लिम सदस्यों की सहमति के बिना मुस्लिमों
की संस्कृति या धर्म से संबंधित कोई धार्मिक रीति-रिवाजों को प्रभावित
करने वाला कानून नहीं बनाया जाएगा।
- हिंदुस्तान की राष्ट्रीय भाषा उर्दू होगी।