190 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
| fuokZfpr | euksuhr |
|---|---|
| Ñf"k 12 ikVhnkj 8 dk'rdkj 4 efgyk,a 1 xzstq,V (Lukrd) 1 fo'ofo |
ky; 1 tkxhjnkj 2 ek'knkj 1 dkuwuh 2 fpfdRlh; 2 if'peh 1 Lons'kh 1 f'k{kd 1 O;kikj 1 m |
;ksx 33 |
;ksx 37 |
क्रियात्मक (फंक्शनल) प्रतिनिधित्व की इस योजना से विभिन्न वर्गों और खंडों में सांप्रदायिक प्रतिनिधित्व की तुलना में अधिक भाईचारा पैदा हो जाएगा यह बहुत संदेहास्पद है। विद्यमान धार्मिक और सामाजिक विभाजन के अतिरिक्त वर्ग-जागरूकता पैदा हो जाने से वर्ग-संघर्ष बड़ी आसानी से बढ़ जाएंगे। यह योजना बड़ी अहानिकर लगती है, परंतु इसकी वास्तविक प्रकृति का तो तब पता चलेगा जब हर वर्ग अपनी संख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व की मांग करेगा। जो भी हो, क्रियात्मक प्रतिनिधित्व हैदराबाद के सुधारों की योजना का सबसे उल्लेखनीय पहलू नहीं है। इस योजना की