194 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
सरकारी, आर्थिक और अन्य राष्ट्रीय गतिविधियों का सभी क्षेत्रों में सार्वजनिक
नौकरियों में मिलने वाली सारी सुविधाओं का समान अधिकार है। इसी
कारण अन्य हिंदुस्तानियों के साथ मुस्लिमों की भी यह जिम्मेदारी है कि
वे देश की आजादी के लिए कोशिश करें और त्याग करें। यह तो एक
स्वतः सिद्ध सिद्धांत है और कोई भी विवेकशील मुस्लिम इसकी सच्चाई
के बारे में सवाल नहीं उठाएगा। यह सम्मेलन स्पष्ट शब्दों में घोषित करता
है और पूरे जोर-शोर से घोषित करता है कि, हिंदुस्तानी मुस्लिमों का लक्ष्य
पूर्ण आजादी और उसी के साथ अपने धर्म और सांप्रदायिक हितों की रक्षा
करना है और वे इस लक्ष्य को जल्दी से जल्दी प्राप्त करने को उत्सुक
हैं। इस उद्देश्य से प्रेरित होकर उन्होंने अतीत में भी बड़े-बड़े त्याग किए
हैं और उससे भी ज्यादा बड़े त्याग करने के लिए सदैव तत्पर हैं।
यह सम्मेलन, खुले तौर पर पुरजोर तरीके से ब्रिटिश साम्राज्यवादियों
तथा अन्यों द्वारा भारतीय मुसलमानों पर लगाए गए इस निराधार आरोप का
खंडन करता है कि वे भारत की आजादी में बाधक हैं और जोरदार शब्दों
में घोषणा करता है कि मुसलमान अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह
सजग हैं और वे भारत की आजादी की लड़ाई में दूसरों से पीछे रहना
अपनी परम्पराओं के प्रतिकूल तथा अपने लिए असम्मानजनक समझते हैं।य्
इस संकल्प के द्वारा उन्होंने पाकिस्तान की योजना को अस्वीकार कर दिया। उनका दूसरा संकल्प निम्नलिखित थाः
फ्इस सम्मेलन का यह सुविचारित दृष्टिकोण है कि भारत के लोगों को भारत
की भावी सरकार के लिए सिर्फ वही संविधान मान्य होगा जिसे वयस्क
मतदान द्वारा निर्वाचित भारतीयों द्वारा स्वयं तैयार किया जाएगा। संविधान में
संविधान सभा के मुस्लिम सदस्यों की सिफारिशों के अनुसार मुस्लिमों के
सभी वैध हितों का पर्याप्त प्रावधान होगा। अन्य समुदायों के प्रतिनिधियों
या किसी भी बाहरी शक्ति को इन प्रावधानों के निर्धारण में हस्तक्षेप करने
का कोई अधिकार नहीं होगा।य्
सम्मेलन के इस संकल्प के द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया कि मुस्लिमों के लिए प्रावधान सिर्फ मुस्लिमों द्वारा ही तय किए जाएंगे। उनका तीसरा संकल्प यह हैः
फ्सरकार की स्थिरता तथा देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत
के भावी संविधान में जहां यह आवश्यक होगा कि प्रत्येक नागरिक और
समुदाय संतुष्ट महसूस करे, यह सम्मेलन आवश्यक समझता है कि मुसलमानों
की संतुष्टि के लिए उनके संरक्षण के प्रावधानों की योजना के रूप में