198 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
प्राप्त की थी और 1639 में बगदाद पर दूसरी जीत हासिल की। उन्होंने वियना की दो बार घेराबंदी की। पहली बार 1529 में और फिर 1683 में, जिसका उद्देश्य अपनी विजय-पताका को और आगे फहराना था। परंतु दोनों ही अवसरों पर उन्हें पीछे हटना पड़ा, जिसका परिणाम यह हुआ कि यूरोप में विस्तार सदा के लिए रुक गया। फिर भी 1326 और 1683 के बीच उन्होंने जिन देशों को जीता था, उनसे एक विशाल साम्राज्य बन गया। इनमें से कुछ क्षेत्र बाद में तुर्की को अपने शत्रुओं के हाथ गंवाने पड़े, परंतु 1789 में फ्रांसीसी क्रांति से पूर्व भी तुर्की साम्राज्य में (1) बलकान्स, डेन्यूब का दक्षिण क्षेत्र, (2) एशिया माइनर, लेबेंट और पड़ौस के द्वीप (साइप्रस आदि), (3) सीरिया और फिलस्तीन, (4) मिश्र और (5) मिश्र से मोरक्को तक फैला हुआ उत्तरी अफ्रीका शामिल थे।
तुर्की साम्राज्य के विघटन की कहानी आसानी से बताई जा सकती है। सर्वप्रथम 1769 में मिश्र उससे वास्तविक रूप से अलग हो गया था, भले ही विधिवत् ऐसा नहीं हुआ हो। इसके बाद काल्कान्स में ईसाइयों ने भी ऐसा ही किया। तुर्की से 1812 में हुए युद्ध के बाद बेसारबिया पर रूस ने अधिकार कर लिया। सन् 1812 में सर्बिया ने रूस की सहायता से विद्रोह कर दिया और तुर्क सर्बिया को एक पृथक सरकार के अधीन रखने को बाध्य हो गए। 1829 में ऐसी ही रियायतें दो अन्य डेन्यूबियन प्रांतों - मोल्दाविया और वालाशिया - को भी प्रदान की गईं। ग्रीस के स्वतंत्रता-संग्राम के परिणामस्वरूप, जो कि 1822-29 के बीच चला, ग्रीक तुर्की शासन से पूर्णतः मुक्त हो गया और 1832 में ग्रीक की स्वतंत्रता को दूसरी शक्तियों द्वारा मान्यता मिल गई। 1875-77 के दौरान बालकान्स में भी उथल-पुथल मच गई। बोस्निया और हर्जेगोविना में विद्रोह हो गया और बल्गेरियनों ने तुर्की पर अत्याचार किए, जिनका उत्तर तुर्की ने भी उसी तरह के अत्याचारों से दिया, जिसके फलस्वरूप सर्बिया और मोंटेनोगरों ने तुर्की के विरुद्ध युद्ध घोषित कर दिया और रूस ने भी ऐसा ही किया। बर्लिन की संधि के तहत बल्गारिया को तुर्की के अंतर्गत स्वशासन का अधिकार दिया गया और पूर्वी रूमानिया पर एक ईसाई गवर्नर के तहत तुर्की द्वारा शासन किया जाना स्वीकार किया गया। रूस को कोर्स और बातोम प्राप्त हुए। डोबुर्जा रूमानिया को दिया गया और बोस्निया व हर्जेगोविना का प्रशासन ऑस्ट्रिया को सौंप दिया गया तथा साइप्रस पर इंग्लैंड ने अधिकार कर लिया। सन् 1881 में ग्रीस ने थेस्सली पर और फ्रांस ने ट्यूनियस पर अधिकार कर लिया। सन् 1885 में बल्गारिया और पूर्वी रूमानिया को मिलाकर एक राज्य बना दिया गया।
तुर्की साम्राज्य के 1906 तक उत्थान और पतन की कहानी का मि. ले. नपूल से निम्नलिखित शब्दों में बड़ा जीवंत वर्णन किया हैः