202 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
चेकोस्लोवाकिया गणराज्य का क्षेत्रफल 54.244 वर्गमील और आबादी लगभग 13,613,172 थी। इसमें जो क्षेत्र शामिल थे, उन्हें पहले बोहेमिया, मोरविया, स्लोवाकिया और रूथेनिया कहा जाता था। यह एक ऐसा संयुक्त राज्य था, जो तीन मुख्य राष्ट्रों से मिलकर बना था। (1) चेक जो बोहेमिया और मोराविया में बसते थे, (2) स्लोवाक जो स्लोवाकिया में रहते थे, और (3) रूथेनिया जो रूथेनियाई कब्जे में था।
चेकोस्लोवाकिया बहुत कम समय - मात्र दो शतक - तक ही कायम रहा। 15 मार्च, 1939 को यह विनष्ट हो गया और जर्मनी का संरक्षित क्षेत्र बन गया। इसके तिरोहित होने में जो परिस्थितियां कारण बनीं, वे नितांत विस्मयकारी थीं। इस राज्य के अंत का कारण भी वही शक्तियां बनीं, जिन्होंने इसे जन्म दिया था। 30 सितंबर, 1938 को म्यूनिख-संधि पर हस्ताक्षर करके, जिसकी अनिवार्य परिणति संरक्षित राज्य बनना ही थी, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस और इटली ने जर्मनी की सहायता की, जो महायुद्ध में उनका शत्रु था। उन्होंने अपने पूर्व मित्र चेकोस्लोवाकिया पर विजय पाने में उनकी सहायता की। चेकों द्वारा स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए विगत शताब्दी में जो प्रयास किए गए थे, उन सभी पर पानी फिर गया तथा एक बार वे फिर से अपने पूर्व जर्मन स्वामियों के दास बन गए।
III
तुर्की के विघटन के क्या कारण हैं?
लॉर्ड एवरस्ले ने अपनी पुस्तक ‘टर्किश एम्पायर’ऽ में तुर्की के ”ास के कारणों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया है। इनमें से कुछ आंतरिक थे और कुछ बाह्य। आंतरिक कारण दो थे। पहला था ओटोमन वंश का अद्यःपतन। सर्वोच्च सत्ता या तो सुलतानों के वजीरों के हाथों में खेलती रही अथवा उनके हरम की महिलाओं के इशारों पर नाचने लगी थीं। पोर्ते के सरकारी प्रशासन के अधिकारियों से हरम का सदैव ही मनमुटाव रहता था। पोर्ते प्रकटतः सुलतान के निर्देशानुसार शासन चलाते थे। कनिष्ठ से लेकर सर्वोच्च श्रेणी तक के सभी अधिकारियों की रुचि, नागरिक और सैनिक सभी कार्यालयों की सर्वाधिक बोली लगाने वालों को बिक्री करने में रहती थी। अपना उद्देश्य साधने के लिए उन्हें यही सरल उपाय प्रतीत होता था कि वे हरम की महिलाओं को घूस दें और इस तरह सुलतानों की सहमति प्राप्त कर लें। इससे हरम एक ऐसा केंद्र बन गया था, जहां से संपूर्ण तुर्की साम्राज्य में भ्रष्टाचार फैल गया और यह उसके पतन का एक कारण बना। तुर्की साम्राज्य के पतन का दूसरा मुख्य कारण था उसकी सेना का क्षय होना। विगत तीन सौ वर्षों के दौरान उसने अपना वह ओज
ऽ देखिए, शेख अब्दुल रशीद का संक्षेपण।