भाग - IV पाकिस्तान और व्याधियां - Page 230

सामाजिक निष्क्रियता 221

जिन पर उनके दाहिने हाथ का अधिकार उनके दोष का कारण नहीं होंगे।

अतीत के समान ही आजकल भी बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवारों में गुलाम

(दासियां) पाई जाती हैं। जैसा कि मुइर ने अपनी पुस्तक ‘लाइफ ऑफ

महोमत’ में कहा है - ‘जब तक दासियों के साथ रहने की यह असीम

अनुमति उन्हें प्राप्त रहेगी, तब तक यह आशा नहीं की जा सकती कि

मुस्लिम देशों में गुलाम रखने की प्रथा पर रोक का कोई हार्दिक प्रयास

होगा।’ इस तरह गुलामी के मामले में कुरान मानवता की शत्रु है, और

महिलाएं सामान्यतः सर्वाधिक उत्पीडि़त हैं। ख्1,

जाति प्रथा को लीजिए। इस्लाम मातृ-भाव की बात कहता है। हर व्यक्ति यही अनुमान लगाता है कि इस्लाम दास प्रथा और जाति प्रथा से मुक्त होगा। गुलामी के बारे में तो कहने की आवश्यकता ही नहीं। अब कानूनन यह समाप्त हो चुकी है। परंतु जब यह विद्यमान थी, तो ज्यादातर समर्थन उसे इस्लाम और इस्लामी देशों से ही मिलता था। ख्2, कुरान में पैगंबर ने गुलामों के साथ उचित और मानवीय व्यवहार किए जाने का सदुपदेश दिया है वह प्रशंसनीय है, लेकिन इस्लाम में ऐसा कुछ भी नहीं है जो इस अभिशाप के उन्मूलन के समर्थन में हो। जैसा कि सर डब्ल्यू. मूइर ने स्पष्ट कहा हैः

फ्.........गुलाम या दासप्रथा समाप्त हो जाने में मुसलमानों का कोई हाथ

नहीं है, क्योंकि जब इस प्रथा के बंधन ढीले करने का अवसर था तब

मुसलमानों ने उसको मजबूती से पकड़ लिया........किसी मुसलमान पर यह

दायित्व नहीं है कि वह अपने गुलामों को मुक्त कर दे....य् ख्3,

परंतु गुलामी भले विदा हो गई हो, जाति तो मुसलमानों में कायम है। उदाहरण के लिए बंगाल के मुसलमानों की स्थिति को लिया जा सकता है। 1901 के लिए बंगाल प्रांत के जनगणना अधीक्षक ने बंगाल के मुसलमानों के बारे में यह रोचक तथ्य दर्ज किए हैंः

फ्मुसलमानों का चार वर्गों - शेख, सैयद, मुगल और पठान - में परंपरागत

विभाजन इस प्रांत (बंगाल) में प्रायः लागू नहीं है। मुसलमान दो मुख्य

सामाजिक विभा मानते हैं - 1. अशरफ अथवा शरफ और 2. अजलफ।

अशरफ से तात्पर्य है ‘कुलीन’ और इसमें विदेशियों के वंशज तथा ऊंची

जाति के धर्मांतरित हिंदू शामिल हैं। शेष अन्य मुसलमान जिनमें व्यावसायिक

वर्ग और निचली जातियों के धर्मांतरित शामिल हैं उन्हें अजलफ अर्थात् नीचा,

अथवा निकृष्ट व्यक्ति माना जाता है। उन्हें कमीना अथवा इतर कमीन या