राष्ट्रीय कुंठा
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फ्किंतु यदि इसके विपरीत हिज मैजेस्टी अमीर का भारत और उसकी
जनता के साथ कोई झगड़ा नहीं है और यदि, जैसा कि भारत सचिव
ने खुले तौर पर कहा, उनका प्रयोजन पूरे मुस्लिम विश्व में व्याप्त उस
उथल-पुथल से है जिसके प्रति उनकी खुली सहानुभूति थी, अर्थात् यदि
वह उसी धार्मिक प्रयोजन से पे्ररित हुए हैं जिसने मुसलमानों को निर्बल
के विकल्प हिजरत पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया, तो हिज
मैजेस्टी अमीर तुलनात्मक रूप से सबल के विकल्प ‘जिहाद’, जिसे उन्होंने
अपने साधानों के अनुरूप पाया, पर विचार करने के लिए मजबूर हो गए।
यदि उन्होंने उनकी चुनौती को, जो बल तथा और अधिक बल में विश्वास
करते है, स्वीकार किया है और उनका इरादा उन लोगों से निबटारा कर
लेना है जो चाहते हैं कि मुसलमान खिलाफत और जेहादियों के विरोध
में युद्ध करें जिन्होंने जाजीरत-उल-अरब तथा धार्मिक स्थलों पर कब्जा
कर लिया है, जिनका उद्देश्य इस्लाम को कमजोर बनाना है, इसके विरुद्ध
भेदभाव करना है, और हमें इसके प्रचार-प्रसार के लिए पूरी स्वतंत्रता देने
से मना करना है, तब इस्लाम का स्पष्ट कानून यह कहता है कि सबसे
पहले किसी भी मुसलमान को किसी भी स्थिति में उनके विरुद्ध सहायता
नहीं प्रदान करनी चाहिए, और इसके बाद यदि जिहाद मुझ तक पहुंच जाता
है तो मेरे क्षेत्र के प्रत्येक मुसलमान को मुजाहिदीन का साथ देना चाहिए
तथा प्रत्येक को यथाशक्ति उनकी सहायता करनी चाहिए।
फ्यह इस्लाम का बिल्कुल स्पष्ट तथा निर्विवाद कानून है और हम
लोगों ने हमारे मामलों की जांच कर रही समिति के सम्मुख एक प्रश्न के
उत्तर में सीमान्तों पर किसी भी समस्या की संभावना में काफी पहले और
जब स्वर्गीय अमीर जीवित थे तभी मुसलमानों के विरूद्ध जिहाद छेड़े जाने
की स्थिति में गैर-मुस्लिम शासक की मुस्लिम प्रजा के धार्मिक उत्तरदायित्व
के बारे में बता दिया है।
एक तीसरा धार्मिक सिद्धान्त जो कि इस मामले में प्रासंगिक है, उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है। इस्लाम क्षेत्रीय मेलमिलाप को स्वीकार नहीं करता है। इसकी बंधुता सामाजिक और धार्मिक है। यहाँ पुनः मौलाना मोहम्मद अली सर्वोत्तम साक्षी हैं। मोहम्मद अली को जब कराँची में सत्र न्यायालय में हाजिर किया गया तो उन्होंने जूरी को सम्बोधित करते हुए कहाः
‘एक बात को स्पष्ट करना होगा कि चूँकि हमने पाया है कि यह सिद्धान्त
जिसे अब हम प्रचारित करेंगे सामान्यतः गैर मुस्लिम और खास कर
सरकारी दायरों में अज्ञात है, यद्यपि इसकी जानकारी होनी चाहिए थी कि