12. राष्ट्रीय कुंठा - Page 319

310 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

नियुक्त समितियों से परामर्श करे। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की अध्यक्षता में सितंबर 1923 में दिल्ली में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांगे्रस के एक विशेष सत्र में एक संकल्प पारित किया गया, जिसमें मुस्लिम लीग की भावनाओं का समर्थन किया गया। कांगे्रस ने (1) संविधान में संशोधन करने, और (2) राष्ट्रीय पैक्ट का मसौदा तैयार करने हेतु दो समितियां गठित करने का प्रस्ताव किया। राष्ट्रीय समझौते संबंधी समिति की रिपोर्ट ख्1, पर डॉक्टर अंसारी एवं लाला लाजपत राय ने हस्ताक्षर किए और इसे कांगे्रस के 1923 के कोकीनाडा अधिवेशन में विचारार्थ पेश किया गया। भारतीय राष्ट्रीय समझौते के साथ ही बंगाल पैक्ट् ख्2, किया गया। ये दोनों समझौते कांगे्रस की विषय-समितियों में चर्चा ख्3, के लिए रखे गए। बंगाल समझौता 458 के मुकाबले 678 मतों से अस्वीकृत कर दिया गया। राष्ट्रीय समझौते के बारे में कांगे्रस ने संकल्प किया कि समझौते के प्रारूप पर विचार कर समिति 31 मार्च, 1924 तक अपनी रिपोर्ट अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के सामने पेश करे। परंतु समिति ने रिपोर्ट पर आगे विचार नहीं किया। कारण यह था कि हिंदुओं में बंगाल-समझौते के खिलाफ इतना रोष था कि लाला लाजपत राय ख्4, के मतानुसार, समिति का आगे काम करना उचित नहीं समझा गया। इसके अलावा श्री गांधी को तभी जेल से रिहा किया गया था और आशा की गई कि वे इस मामले को आगे बढ़ाएंगे। अतः डॉ. अंसारी ने एकत्रित सामग्री अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को सौंप दी।

श्री गांधी जैसे ही जेल से बाहर आए, उन्होंने यह मामला अपने हाथों में ले लिया। नवंबर 1924 में बंबई में अनौपचारिक चर्चा हुई। इन चर्चाओं के फलस्वरूप, एक सर्वदलीय कांफ्रेंस का गठन किया गया और एकता स्थापित करने के प्रश्न पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की गई। यह कांफे्रंस वास्तव में सर्वदलीय कांफ्रेंस थी, क्योंकि इसमें कांगे्रस, हिंदू महासभा, जस्टिस पार्टी, लिबरल फेडरेशन, इंडियन क्रिश्चियन, मुस्लिम लीग इत्यादि दलों के प्रतिनिधि थे। 23 जनवरी, 1925 को सर्वदलीय कांफ्रेंस द्वारा गठित समिति ख्5, की बैठक वेस्टर्न होटल, दिल्ली में हुई। बैठक की अध्यक्षता श्री गांधी ने की। 24 जनवरी को समिति ने 40 सदस्यों की एक प्रतिनिधि उप-समिति का गठन किया, जिसका कार्य था (क) ऐसी सिफारिशें

  1. बंगाल पैक्ट की रूपरेखा के लिए देखें वही, पृ. 127

  2. रिपोर्ट और समझौते के प्रारूप के लिए देखें, वही, 1923, भाग-2, पृ. 104-105

  3. इन दोनों समझौतों पर वाद-विवाद के लिए देखें, वही, पृ. 121-127

  4. सर्वदलीय सम्मेलन पर देखें 1925 में उनका वक्तव्य, इंडियन क्वार्टरली रजिस्टर, भाग-1, पृ. 70 पर

  5. समिति के कार्यवाही विवरण के लिए देखें इंडियन क्वार्टरली रजिस्टर, 1925, भाग-1, पृ. 66-67