राष्ट्रीय कुंठा
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सही अभिरक्षक होता है, दूसरे को यह अधिकार नहीं है। मुसलमानों
की प्रबल इच्छा यह है कि उनके धार्मिक स्थानों को ओटोमन साम्राज्य
से अलग न किया जाए, ताकि सारे धार्मिक स्थान सुल्तान के मातहत
ही रहें।
प्रश्न-3819 मैं विदेश नीति को रिफार्म्स विधेयक से अलग करना नहीं चाहता।
उत्तरः मैं कहता हूं कि इसका विदेश नीति से कोई संबंध नहीं है। आपका
कहना है कि क्या भारत के मुसलमान दुनिया के मुसलमानों के संबंध
में (विदेश नीति पर) अपना कोई विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाएंगे।
प्रश्न-3820 मेरा कहना है कि क्या मुसलमान केंद्र सरकार में अपना कुछ वर्चस्व
चाहते हैं ताकि वे भारत की विदेश नीति में अपने विचारों को मूर्त रूप
दे सकें?
उत्तरः नहीं।
श्री बेनेट द्वारा लिया गया साक्ष्य
प्रश्न-3853 क्या इस प्रकार की कोई घटना, अर्थात् सांप्रदायिक दंगे की स्थिति, में
यह लाभदायक नहीं होगा कि कानून और व्यवस्था जैसे विषय कार्यकारी
सरकार के पास रहें?
उत्तरः यदि आप मुझसे पूछें तो मैं ऐसा नहीं मानता। परंतु मैं अप्रिय बातों में,
जैसा कि आपने कहा, जाना नहीं चाहता।
प्रश्न-3854 मेरी यह इच्छा नहीं है कि मैं पुरानी परेशानियों को लेकर आपसे प्रश्न
करूं_ मैं उन्हें भुलाना चाहता हूं।
उत्तरः यदि आप मुझसे पूछते हैं तो मेरा मानना है कि ये दंगे किसी न किसी
गलतफहमी के कारण होते हैं और इसका कारण यह भी है कि ऐसे
मामलों में पुलिस किसी एक या दूसरे गुट का पक्ष लेती है, जिससे
दूसरी ओर क्रोध भड़क उठता है। मैं अच्छी तरह जानता हूं कि भारतीय
रियासतों में आपने शायद ही कभी ही हिंदू-मुसलमानों के दंगों के बारे
में सुना होगा। मैं किसी का नाम बताए बिना समिति से एक बात कहना
चाहूंगा। एक बार मैंने एक सत्तासीन राजकुमार से पूछा - आप इस बारे
में क्या कहते हैं? उन्होंने मुझे बताया - जैसे ही कहीं ऐसी घटना होती
है और उसका आरोप पुलिस पर लगता है कि पुलिस को किसी पार्टी
का पक्ष लेते देखा गया है, तो तुरंत उस पुलिस अधिकारी को वहां से
हटा दिया है और इससे स्थिति संभल गई है।