364 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय
आधार पर आगे चलते हुए, हमें क्या देखने को मिलता है? स्विटज़रलैंड के निचले सदन में कुल एक सौ सत्तासी प्रतिनिधि हैं। उनमें से जर्मन जनसंख्या के 138 स्थानों पर जीतने की संभावना होती है, फ्रेंच की 42 पर और इटालियंस की केवल 7 स्थानों पर। दक्षिण अफ्रीका में कुल 153 स्थानों में से अंगे्रज 62 और डच 94 स्थान जीत सकते हैं। कनाडा में कुल 245 स्थान हैं। उनमें से 65 स्थानों पर फ्रेंच जीत सकते हैंऽ। इस आधार पर यह बिल्कुल स्पष्ट है कि उक्त समस्त देशों में यह संभावना है कि बड़े राष्ट्र छोटे राष्ट्रों पर अपनी प्रभुसत्ता स्थापित कर सकते हैं। वास्तव में, यहां तक कहा जा सकता है कि मात्र कानून और आकार के संदर्भ में फ्रेंच लोग कनाडा में ब्रिटिश राज्य के अंतर्गत, दक्षिण अफ्रीका में अंगे्रज डच राज्य के अंतर्गत और स्विटज़रलैंड में इटालियंस और फ्रेंच जर्मन राज्य के अंतर्गत रह रहे हैं। परंतु वास्तविक स्थिति क्या है? क्या कनाडा में फ्रांस निवासियों ने यह चीख-पुकार की है कि वे ब्रिटिश राज्य के अंतर्गत नहीं रहना चाहते? क्या दक्षिण अफ्रीका में अंगे्रजों द्वारा यह प्रलाप किया गया है कि वे डच राज्य के अंतर्गत नहीं रहना चाहते? क्या स्विटज़रलैंड में फ्रेंच और इटालियंस ने कोई आपत्ति उठाई है कि वे जर्मन राज्य के अंतर्गत नहीं रह सकते? तब फिर मुसलमान ही क्यों यह आवाज उठाते हैं कि वे हिंदू राज्य के अंतर्गत नहीं रहना चाहते?
क्या यह बात कभी कही गई है कि हिंदू राज्य एक स्पष्ट, भेदभावरहित सांप्रदायिक बहुमत का शासन होगा? क्या हिंदू बहुमत के उत्पीड़न की संभावना के विरुद्ध मुसलमानों को सुरक्षा नहीं दी जाएगी? कनाडा में फ्रेंचों के हितों को, दक्षिण अफ्रीका में अंग्रेजों और स्विटज़रलैंड में फ्रेंच और इटालियन्स के हितों को जो सुरक्षा प्रदान की गई है, उनकी अपेक्षा भारत में मुसलमानों के हितों को मिली सुरक्षा क्या अधिक और बेहतर नहीं है? हितों की सुरक्षा के किसी एक विषय को ले लीजिए। क्या विधानसभा में मुसलमानों का प्रतिनिधित्व उनकी जनसंख्या के अनुपात से अधिक नहीं है? क्या कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और स्विटज़रलैंड में जातियों की जनसंख्या के अनुपात से अधिक प्रतिनिधित्व उन्हें दिया गया है, और क्या जनसंख्या के अनुपात से अधिक प्रतिनिधित्व का मुसलमानों पर कोई प्रभाव पड़ा है? क्या यह विधान सभा में हिंदुओं के बहुमत को नहीं घटाता है? इसमें कितनी कमी आई है? अपने को ब्रिटिश भारत तक ही सीमित करते हुए और केवल उसी प्रतिनिधित्व का लेखा-जोखा लेते हुए, जो कि निर्वाचन क्षेत्रों को प्रदान किया गया है, स्थिति क्या है? भारत सरकार के 1935 ऐक्ट के अंतर्गत केंद्रीय विधान सभा के निचले सदन में कुल 187 स्थानों में हिंदुओं की संख्या 105 और मुसलमानों की 82 है। उक्त आंकड़ों का अध्ययन करने के उपरांत कोई भी यह पूछ सकता है कि हिंदू राज से भय कहां है?
ऽ ये क्यूबेक प्रांत के आंकड़े हैं।