क्या पाकिस्तान बनना चाहिए
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गैर-मुस्लिम इस बात से अनजान दिखाई देते हैं कि उन्हें ऐसी स्थिति में खड़ा कर दिया गया है जिसमें उन्हें विवश होकर विविध विकल्पों में चुनाव करना पड़ेगा। मैं उन्हें बता दूं। पहले तो उन्हें भारत की स्वतंत्रता और भारत की एकता के बीच एक को चुनना है। यदि गैर-मुस्लिम भारत की एकता पर जोर देते हैं तो वे भारत की स्वतंत्रता की शीघ्र प्राप्ति को संकट में डालते हैं। दूसरा विकल्प भारत की रक्षा की सबसे पक्की विधि से संबंध रखता है कि क्या वे स्वतंत्र और संयुक्त भारत में मुसलमानों पर भरोसा कर सकते हैं? क्या वे गैर-मुस्लिमों के मेलमिलाप के साथ दोनों की संयुक्त स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए आवश्यक इच्छा पैदा करेंगे और बनाए रखेंगे? या भारत का विभाजन कर देना बेहतर है, जिससे कि मुस्लिम भारत की सुरक्षा मुसलमानों के सुपुर्द होने से पक्की हो जाए और गैर-मुस्लिम भारत की सुरक्षा गैर-मुसलमानों के हाथ में सुदृढ़ रहे।
पहले तो मैं भारत की एकता से अधिक भारत की स्वतंत्रता को पसंद करता हूं। सीन फीनर, जो दुनिया-भर के राष्ट्रवादियों में सबसे अधिक कट्टर थे और जो भारतीयों की तरह ऐसे ही विकल्पों में डाले गए थे, उन्होंने आयरलैंड की एकता के मुकाबले आयरलैंड की स्वतंत्रता को चुना था। गैर-मुस्लिम, जो विभाजन के खिलाफ है, एक समय फीनों के उपाध्यक्ष रहे रेवरेंड माइकेल ओ फलेनागन की इस सलाह से बहुत लाभ उठा सकते हैं, जो उन्होंने आयरलैंड के विभाजन पर आयरलैंड के राष्ट्रवादियों को दी थी। उन्होंने कहा थाऽ -
फ्यदि हम गृह शासन को अस्वीकार करके अल्सटर के संघी भागों को
बाहर जाने देना पसंद करते हैं तो, हम संसार के सामने इसकी पुष्टि कैसे
करेंगे? हम बता सकते हैं कि आयरलैंड एक ऐसा द्वीप है, जिसकी एक
निश्चित भौगोलिक सीमा है। यह तर्क उन अनेक द्वीपीय राष्ट्रों को सही लग
सकता है जिनकी स्वयं की निश्चित भौगोलिक सीमाएं हैं। पर घटती-बढ़ती
सीमाओं वाले महाद्वीपीय देश से अपील करने पर, जैसा कि हम कर रहे
हैं, उस तर्क में कोई दम नहीं रहेगा। राष्ट्रीय और भौगोलिक सीमाएं शायद
ही कभी एक हो पाती हैं। भूगोल ने स्पेन और पुर्तगाल को एक राष्ट्र
बनाया, इतिहास ने उन्हें दो बना दिया है। भूगोल ने नार्वे और स्वीडन को
एक राष्ट्र बनाने का भरसक यत्न किया, इतिहास उन्हें दो बनाने में सफल
हुआ। उत्तरी अमेरिका महाद्वीप में जो अनेक राष्ट्र हैं, भूगोल के पास उनसे
कहने को शायद ही कुछ होगा, सब कुछ इतिहास ने किया है। यदि कोई
यूरोप के भौतिक नक्शे से राजनीतिक नक्शा बनाने की कोशिश करता, तो
ऽ सर जेम्स ओ केमूर द्वारा लिखित हिस्ट्री ऑफ आयरलैंड, खंड-2, पृ. 257