13. क्या पाकिस्तान बनना चाहिए? - Page 384

अध्यायः 14

पाकिस्तान की समस्याएं

I

पाकिस्तान और हिंदुस्तान के रूप में भारत विभाजन के फलस्वरूप जो अनेक समस्याएं उत्पन्न होंगी, उनमें से निम्नलिखित तीन उल्लेखनीय हैं-

(1) वर्तमान भारत सरकार के वित्तीय संसाधनों तथा ऋण के बटवारे की समस्या।

(2) क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन की समस्या, और

(3) पाकिस्तान से हिंदुओं और हिंदुस्तान से पाकिस्तान को मुस्लिम जनसंख्या

के स्थानांतरण की समस्या।

इन समस्याओं में पहली समस्या अनुवर्तीय एवं आनुषंगिक इस अर्थ में है कि यह एकमात्र विचारणीय उस समय होगी, जब दोनों पार्टियों द्वारा भारत-विभाजन को स्वीकृति मिल चुकी हो। दूसरी दो समस्याएं विभिन्न प्रकार की हैं। पाकिस्तान बनने के पूर्व वे इस अर्थ में विचारणीय हैं कि अनेक व्यक्ति ऐसे हैं जो पाकिस्तान पर अपना अभिमत तब तक नहीं बनाएंगे, जब तक कि उन्हें संतोष नहीं हो जाएगा कि इन दोनों समस्याओं का तर्कपूर्ण तथा न्यायपूर्ण समाधान संभव है। अतः मैं अपने को पाकिस्तान की अंतिम दो समस्याओं पर विचार करने तक ही सीमित रखता हूं।

II

अभी तक हमारे पास पाकिस्तान की सीमाओं के प्रश्न पर मुस्लिम लीग द्वारा दिया गया कोई भी स्पष्ट और अधिकृत वक्तव्य नहीं है। वास्तव में हिंदुओं द्वारा की गई अनेक शिकायतों में से एक यह है कि यद्यपि श्री जिन्ना पाकिस्तान के पक्ष में एक