13. क्या पाकिस्तान बनना चाहिए? - Page 389

380 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

बिल्कुल भिन्न है। पंजाब और बंगाल में गैर-मुस्लिम जनता छोटे-छोटे क्षेत्रों में सर्वत्र फैली हुई है तथा चारों ओर मुस्लिम बहुसंख्या से घिरे पश्चिमी सीमा प्रांत, बलूचिस्तान और सिंध की तरह नहीं है। बंगाल और पंजाब में हिंदू दो भिन्न-भिन्न ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जो आसपास स्थित हैं और पृथक किए जा सकते हैं। इन परिस्थितियों में ऐसा कोई कारण प्रतीत नहीं होता कि मुस्लिम लीग की यह मांग मान ली जाये कि पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान की सीमाएं वही हों, जो पंजाब और बंगाल की मौजूदा सीमाएं हैं।

पूर्ववर्ती बहस से दो निष्कर्ष निकलते हैं। प्रथम यह है कि पंजाब और बंगाल के गैर-मुस्लिम अपने उन क्षेत्रों को, जिन पर वे बसे हैं, क्षेत्रीय अलगाव द्वारा पाकिस्तान से बाहर रखें। दूसरा यह कि उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत, बलूचिस्तान और सिंध की गैर-मुस्लिम जनता को पाकिस्तान से बाहर रखने का मामला नहीं बनता। अतः उनके पास भी सांस्कृतिक स्वतंत्रता और राजनीतिक हितों की सुरक्षा का अधिकार है। इसी बात को दूसरी तरह यों कहा जा सकता है कि मुस्लिम लीग के उस दावे का कि सिंध, बलूचिस्तान और उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत की सीमाएं वहीं रहें, जैसी अभी हैं, विरोध नहीं किया जा सकता। परंतु पंजाब और बंगाल के मामले में इस प्रकार का दावा उचित नहीं होगा और इन प्रांतों के गैर-मुस्लिम, यदि वे चाहें तो, यह दावा कर सकते हैं कि इन दोनों प्रांतों की सीमाओं के पुनरांकन द्वारा उन क्षेत्रों को पृथक किया जा सकता है, जहाँ वे इस समय रहे रहे हैं।

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किसी के भी दिमाग में यही बात आयेगी कि पंजाब और बंगाल के गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यकों द्वारा किया गया सीमाओं के पुनर्सीमांकन का दावा मुस्लिम लीग द्वारा किया गया एक न्यायपूर्ण एवं तर्कसंगत दावा मान लिया जाएगा।

पुनर्सीमांकन की संभावना मुस्लिम लीग द्वारा मार्च 1940 में पारित लाहौर प्रस्ताव में स्वीकार की गई थी। उक्त प्रस्ताव में कहा गया था-

फ्भौगोलिक रूप से एक साथ सटी हुई ईकाइयों का क्षेत्रों में सीमांकन करके

पूर्णतः स्वतंत्र राज्यों की स्थापना की जाये और ये क्षेत्र आवश्यक प्रादेशिक

पुनर्समंजन के साथ इस प्रकार गठित किए जायें कि भारत के पश्चिमोत्तर

और पूर्वी इलाकों जैसे मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों को एक साथ मिलाकर ऐसे

स्वतंत्र राज्य बनाए जायें जो मुस्लिम-रहित राष्ट्रीय क्षेत्र हों और जिनमें