14. पाकिस्तान की समस्याएं - Page 404

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III . (1) सीमा आयोग के निष्कर्षों को सहमति अथवा मध्यस्थ पंचाट द्वारा

अन्तिम रूप दिये जाने के बाद महामहिम अनुसूचित जिलों के मतदाताओं

के बीच एक और मतदान करायेगा।

(2) मतदाताओं से निम्नलिखित रूप में प्रश्न पूछे जाएंगेः

(क) क्या आप तुरंत पृथक्करण का समर्थन करते हैं?

(ख) क्या आप तुरंत पृथक्करण का विरोध करते हैं?

IV . (1) यदि बहुमत तुरंत पृथक्करण का समर्थन करता है, तो महामहिम

पाकिस्तान और हिंदुस्तान के लिए अलग-अलग संविधान तैयार करने की

विधिसम्मत व्यवस्था करेंगे।

(2) पाकिस्तान और हिंदुस्तान नाम के ये दो नए राष्ट्र महामहिम द्वारा

इस संबंध में जारी उद्घोषणा द्वारा निर्धारित तारीख से पृथक-पृथक

राष्ट्र बन जाएंगें।

(3) यदि बहुमत तुरंत पृथक्करण का विरोध करता है तो महामहिम संपूर्ण

ब्रिटिश इंडिया के लिए केवल एक ही संविधान तैयार करने की

विधिसम्मत व्यवस्था करेंगे।

V . यदि पिछली धारा के अंतर्गत मतदान में बहुमत पाकिस्तान के तुरंत पृथक्करण

का विरोध करता है, तो पाकिस्तान को पृथक करने संबंधी कोई प्रस्ताव,

और यदि पिछली धारा के अंतर्गत मतदान में बहुमत पाकिस्तान को तुरंत

पृथक करने का समर्थन करता है तो पाकिस्तान को हिंदुस्तान में मिलाने

संबंधी कोई प्रस्ताव, महामहिम द्वारा ब्रिटिश इंडिया के लिए नया संविधान

लागू करने पर, पाकिस्तान और हिंदुस्तान के लिए अलग-अलग संविधान

लागू करने की निर्धारित तारीख के बाद दस वर्ष तक स्वीकार नहीं किया

जाएगा।

VI . (1) यदि धारा चार के अंतर्गत दो पृथक संविधान अस्तित्व में आते हैं, तो

संपूर्ण ब्रिटिश इंडिया के लिए संविधान की संभावित स्थापना और पाकिस्तान

और हिंदुस्तान की सरकारों और विधानमंडलों के बीच सौहार्दपूर्ण कार्यवाही

और परस्पर व्यवहार और संपूर्ण ब्रिटिश इंडिया को प्रभावित करने वाले

मामलों में एकरूपता के संवर्धन तथा संपूर्ण ब्रिटिश इंडिया में उन सेवाओं

के प्रबंधन, जिन पर दोनों संसद परस्पर सहमत होती हैं या इस अधिनियम

के अधीन, व्यवस्था करने के लिए महामहिम निश्चित दिवस के बाद