14. पाकिस्तान की समस्याएं - Page 405

396 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाङ्मय

यथाशीघ्र सम्पूर्ण ब्रिटिश इंडिया के लिए एक काउंसिल ऑफ इंडिया की विधिसम्मत नियुक्ति करेंगे।

(2) इसके बाद काउंसिल ऑफ इंडिया का एक अध्यक्ष तथा चालीस अन्य

व्यक्ति-20 पाकिस्तान के तथा 20 हिन्दुस्तान के प्रतिनिधि-महामहिम

के अनुदेशों के अनुसार मनोनीत किए जाएंगे।

(3) काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य प्रत्येक मामले में पाकिस्तान और

हिंदुस्तान की संसदों के निचले सदनों द्वारा चुने जाएंगे।

(4) काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्यों का चुनाव हिंदुस्तान और पाकिस्तान

के विधानमंडलों का सर्वप्रथम कार्य होगा।

(5) इस काउंसिल के किसी सदस्य की सदस्यता उस समय समाप्त हो

जायेगी, जब वह पाकिस्तान या हिंदुस्तान के विधानमंडल के उस

सदन का सदस्य नहीं रहता, जिसके द्वारा उसका चयन किया गया

है, परंतु पाकिस्तान या हिंदुस्तान का विधानमंडल भंग होने पर जब

तक नए चुनाव नहीं होते, वह काउंसिल का सदस्य बना रहेगा और

इसके बाद यदि उसका चयन पुनः नहीं होता तो वह सेवानिवृत्त हो

जाएगा।

(6) काउंसिल का अध्यक्ष काउंसिल की उन सभी बैठकों की अध्यक्षता

करेगा, जिनमें वह उपस्थित होगा और जब किसी मामले में बराबर

मत हों तो उसे मत देने का अधिकार होगा अन्यथा उसे मत देने

का अधिकार नहीं होगा।

(7) काउंसिल की पहली बैठक अध्यक्ष द्वारा निर्धारित समय और स्थान

पर होगी।

(8) काउंसिल में सदस्य-संख्या कम होने पर भी वह कार्य करेगी और

काउंसिल की बैठक का कोरम पन्द्रह होगा।

(9) काउंसिल, समितियों की शक्तियों के प्रत्यायोजन सहित, अपना कार्य

संचालन स्वयं करेगी।

(10) पाकिस्तान और हिंदुस्तान के विधानमंडलों द्वारा समरूप अधिनियम

पारित किए जाने पर काउंसिल ऑफ इंडिया के गठन में समय-समय

पर परिवर्तन किए जा सकते हैं और इन अधिनियमों में संसदीय

मतदाताओं द्वारा निर्वाचित किए जाने वाले काउंसिल ऑफ इंडिया

के किसी सदस्य या सभी सदस्यों के लिए व्यवस्था की जा सकती